चुआं का पानी पीते हैं बच्चे

बड़बिल : धरा के भीतर अपार खनिज भंडार व हर साल करोड़ों का राजस्व देने वाला क्योंझर जिले के बड़बिल तहसील व देवझर ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थिति ठाकुरानी गांव में पीने का पानी भी मयस्सर नहीं. यहां लोग चुआं का पानी पीने को मजबूर है. झारखंड और ओड़िशा कि सीमा पर स्थित इस गांव […]
बड़बिल : धरा के भीतर अपार खनिज भंडार व हर साल करोड़ों का राजस्व देने वाला क्योंझर जिले के बड़बिल तहसील व देवझर ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थिति ठाकुरानी गांव में पीने का पानी भी मयस्सर नहीं. यहां लोग चुआं का पानी पीने को मजबूर है. झारखंड और ओड़िशा कि सीमा पर स्थित इस गांव की आबादी 550 के लगभग है जिसमें तीन सौ मतदाता मौजूद है.
बावजूद गांव में न सड़क है न बिजली. जलापूर्ति के नाम पर सात चापाकल है. ग्रामीण पानी के लिए नाला पर निर्भर है. यहां चुआं के पानी मवेशी के अलावा बच्चे भी पीते है. स्कूली खाना भी इसी पानी से बनता है. मौलिक सुविधाओं से वंचित ठाकुरानी के लोग पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर चुके है और बार लोस चुनाव बहिष्कार की तैयारी है. गांव को झारखंड में शामिल करने की मांग वर्षो से की जा रही.
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