चाईबासा सदर अस्पताल में एक सप्ताह में चालू होगी आइसीयू

Updated at : 27 Feb 2017 4:33 AM (IST)
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चाईबासा सदर अस्पताल में एक सप्ताह में चालू होगी आइसीयू

चाईबासा : स्वास्थ्य विभाग में दवा व पैसे की कमी नहीं है. चाईबासा सदर अस्पताल में काफी कम ऑपरेशन हो रहे हैं. यदि अस्पताल में स्पेशलिस्ट (विशेषज्ञ) डॉक्टर नहीं हैं, तो बाहर से स्पेशलिस्ट बुलाकर मरीजों का ऑपरेशन किया जाये. संसाधन का अभाव बताकर मरीजों को बाहर रेफर नहीं करना है. हर ऑपरेशन में चिकित्सीय […]

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चाईबासा : स्वास्थ्य विभाग में दवा व पैसे की कमी नहीं है. चाईबासा सदर अस्पताल में काफी कम ऑपरेशन हो रहे हैं. यदि अस्पताल में स्पेशलिस्ट (विशेषज्ञ) डॉक्टर नहीं हैं, तो बाहर से स्पेशलिस्ट बुलाकर मरीजों का ऑपरेशन किया जाये. संसाधन का अभाव बताकर मरीजों को बाहर रेफर नहीं करना है.

हर ऑपरेशन में चिकित्सीय टीम को पैसे देने का प्रावधान है. उक्त बातें झारखंड के स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख डॉ प्रवीण चंद्रा ने कहीं. वे रविवार को सदर अस्पताल में आयोजित हाइड्रोसिल ऑपरेशन शिविर में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे. हर जिले में लगने चाहिए हाइड्रोसिल ऑपरेशन शिविर : इसके पूर्व उन्होंने शिविर का उद्घाटन फीता काट व दीप जलाकर किया. स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि नि:शुल्क हाइड्रोसिल ऑपरेशन शिविर लगाना टीएसी सदस्य जेबी तुबिद की अच्छी पहल है. इस तरह के शिविर हर जिले होने चाहिए.

पीपीपी मोड में चलेगा डायलेसिस सेंटर : अस्पताल में एक-दो माह में सभी 104 दवाएं उपलब्ध हो जायेगी. उन्होंने सदर अस्पताल में एक माह के अंदर पीपीपी मोड में डायलेसिस सेंटर चलाना सुनिश्चित करने को कहा. सरकार से इसकी एमओयू हो गयी है. सेंटर में कम दर पर लोगों का इलाज होगा. बीपीएल परिवार का नि:शुल्क इलाज होगा. सदर अस्पताल बनेगा एक मॉडल अस्पताल: चाईबासा सदर अस्पताल को आने वाले दिनों में मॉडल अस्पताल बनाया जायेगा. इसे ध्यान रखते हुये अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया. सिविल सर्जन से एक सप्ताह में आइसीयू सेंटर चालू करने को कहा. मुख्यमंत्री जननी शिशु योजना के तहत गर्भवती महिला का अस्पताल में छह सप्ताह तक सभी जांच नि:शुल्क करें. महिला को जांच के नाम पर एक भी पैसे नहीं खर्च करना है. पश्चिमी सिंहभूम जिले में डायन प्रथा व्याप्त : तुबिद : पूर्व गृह सचिव सह भाजपा नेता जेबी तुबिद ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम में डायन प्रथा बहुत बड़ी समस्या है. इसका शिकार पढ़े-लिखे लोग होते हैं. हत्या व डायन हत्या अज्ञानता से होता है. स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना है. मार्च में कैंसर व कुपोषण शिविर का आयोजन किया जायेगा. कार्यक्रम को पूर्व विधायक बड़कुंवर गागराई ने भी संबोधित किया. धन्यवाद ज्ञापन सिविल सर्जन डॉ हिमांशु भूषण बरवार ने किया. मौके पर 20 सूत्री उपाध्यक्ष संजय पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उर्फ शुरू नंदी, डॉ हरिदयाल समेत सभी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे. मरीजों को बाहर से जांच व दवा की स्लिप न देने का निर्देश : अस्पताल में आनेवाले मरीजों को बाहर से जांच व दवा के लिए स्लिप नहीं देना है. प्रसव होनेवाली महिलाओं को छह माह तक देखभाल व दवा अस्पताल से देना है. अस्पताल उपाधीक्षक व प्रबंधक को प्रतिदिन अस्पताल का निरीक्षण कर छोटी-मोटी समस्याओं का निदान करने का निर्देश दिया. अस्पताल के अलावा एल-1 सेंटरों में भर्ती गर्भवती व प्रसव महिलाओं को प्रतिदिन डाइट में 100 रुपये और सामान्य मरीजों को 50 रुपये प्रावधान किया गया है.
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