झारखंड जैसे सक्षम एसएचजी हमारे देश में नहीं

Updated at : 11 Nov 2016 1:15 AM (IST)
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झारखंड जैसे सक्षम एसएचजी हमारे देश में नहीं

विदेशी प्रतिनिधियों ने नंदपुर, कोलपोटका व जोजोगुट्टू में महिलाओं के आजीविका कार्यों को देखा, कहा नंदपुर में मौजूद विदेशी प्रतिनिधि. विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने किया मनोहरपुर प्रखंड का दौरा, नंदपुर, कोलपोटका व जोजोगुट्टू में एसएचजी महिलाओं से मिले मनोहरपुर : बुधवार को विदेशी प्रतिनिधिमंडल की 18 सदस्यीय टीम ने मनोहरपुर प्रखंड का दौरा किया. टीम द्वारा […]

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विदेशी प्रतिनिधियों ने नंदपुर, कोलपोटका व जोजोगुट्टू में महिलाओं के आजीविका कार्यों को देखा, कहा

नंदपुर में मौजूद विदेशी प्रतिनिधि.
विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने किया मनोहरपुर प्रखंड का दौरा, नंदपुर, कोलपोटका व जोजोगुट्टू में एसएचजी महिलाओं से मिले
मनोहरपुर : बुधवार को विदेशी प्रतिनिधिमंडल की 18 सदस्यीय टीम ने मनोहरपुर प्रखंड का दौरा किया. टीम द्वारा तीन समूहों में बंट कर प्रखंड के सदपोटका, नंदपुर व सारंडा के जोजोगुटू गांवों का दौरा कर एसएचजी महिलाओं द्वारा आजीविका संबंधी कार्यों को देखा और जाना. टीम महिलाओं के कार्यों से काफी प्रभावित हुई और अपने देशों में भी इस तरह के कार्य को लागू करने की बात कही. विदेशियों के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त थी. टीम ने महिलाओं से दोबारा आने की बात कहते हुए उन्हें अपने देशों में भी आने का न्योता दिया.
टीम में ये लोग थे शामिल. बरकिना फासो से येरेफोलो माले, कोन अयना, सिरिल गानोऊ, मैक्सिको से मानुएल रबासा ग्वेवारा, यूएसए से जो सांसन, जया सरकार, ग्वाटेमाला जॉर्ज कोय काल, एफरैंन टेकू, जांबिया से वांद्रास लुयवा, डेविड लुंगू, वोस्टर टेंबो, ग्रेस के मलंगनो, एलिसन सियानसिम्बि, चोंबा चिबेंडे, मेरियन सी टेंबो,
विल्ली सी कापुटू, अरम चितालु व मलालु मुलुंडिका, अंतरराष्ट्रीय एनजीओ ट्रिकल अप के एशिया प्रतिनिधि अमलेंदु पाल, उदिता सरकार, आशीष दास, मैत्रैयी घोष, तन्मय पाल, जृशक दासगुप्ता, रवींद्र सिंह, झारखंड राज्य आजीविका मिशन के सीओओ विष्णु पारिडा, रामराय बानरा, राजेंद्र कुमार, शैलेंद्र जारिका, जेंस मिंज, एलेक्जेंडर केरकेट्टा व अन्य.
नंदपुर में ग्वाटेमाला की टीम ने जाना हाल :
नंदपुर में एक एसएचजी के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में ग्वाटेमाला के प्रतिनिधियों ने महिलाओं से उनकी आजीविका के बारे में जानकारी ली. इस दौरान लगायी गयी लघु प्रदर्शनी का भी टीम ने अवलोकन किया. साथ ही उनके उपयोग, पैदावार व निर्माण विधि की जानकारी ली. महिलाओं ने टीम के प्रतिनिधियों से एसएचजी के गठन, बही संचालन, ऋण, कार्यप्रणाली समेत अन्य गतिविधियों की जानकारी दी. टीम के प्रतिनिधियों ने महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए ग्वाटेमाला व पराग्वे की करेंसी उपहार स्वरूप मनोहरपुर की महिलाओं को दी.
सदपोटका में महिलाअों की खेती को देखा :
दूसरी टीम ने सदपोटका गांव में महिलाओं द्वारा की गयी खेती व अन्य चीजों को देखा. साथ ही उनके कार्यों से प्रभावित हुए. मौके पर महिलाओं ने अपने संघर्ष, गरीबी और एसएचजी से जुड़ने के बाद जीवन में आयी बदलाव से टीम को अवगत कराया. इससे प्रभावित टीम के सदस्यों ने एसएचजी के फॉर्मेट को अपने देशों में लागू करने की बात कही.
जोजोगुटू में परिवारों के संघर्ष का जाना हाल:
तीसरी टीम ने सारंडा के जोजोगुटू गांव में बसे अति निर्धन परिवार की महिलाओं की स्थिति के बारे में जाना. यहां टीम ने उनकी जीवनशैली व आर्थिक स्थिति जानकारी लेते हुए एसएचजी से जुड़ने के बाद आये बदलाव को विस्तारपूर्वक जाना. यहां भी टीम ने खेती की पद्धति के बारे में जानकारी ली. टीम द्वारा सारंडा के महिलाओं का प्रोत्साहन भी किया.
संगठित नहीं है अपने देश में एसएचजी
हमारे देश में भी एसएचजी है, झारखंड की तरह संगठित नहीं हैं. यहां पर एसएचजी से जुड़ने के बाद गरीबी व अभाव से संघर्ष करती महिलाओं की उन्नति हो रही है. इससे काफी प्रभावित हूं.
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