पदोन्नति के लिए जायेंगे कोर्ट
Updated at : 03 Jun 2016 7:08 AM (IST)
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टाइम बांड स्कीम . शिक्षकों ने की आधार वर्ष 1995 को हटाने की मांग सरकारी स्कीम से विवि के 4-5 शिक्षकों को ही मिलेगी पदोन्नति चाईबासा : ल्हान विश्वविद्यालय के शिक्षकों की पदोन्नति के लिए आयी टाइम बांड स्कीम के खिलाफ विवि के सहायक प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर कोर्ट जाने की तैयारी में हैं. शिक्षकों […]
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टाइम बांड स्कीम . शिक्षकों ने की आधार वर्ष 1995 को हटाने की मांग
सरकारी स्कीम से विवि के 4-5 शिक्षकों को ही मिलेगी पदोन्नति
चाईबासा : ल्हान विश्वविद्यालय के शिक्षकों की पदोन्नति के लिए आयी टाइम बांड स्कीम के खिलाफ विवि के सहायक प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर कोर्ट जाने की तैयारी में हैं. शिक्षकों का कहना है कि उक्त स्कीम की गाइडलाइन से विवि के सिर्फ 4-5 शिक्षकों को ही इसका लाभ मिल सकेगा. अगर शिक्षक कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं, तो पदोन्नति का मामला फंस सकता है. स्कीम के तहत वर्ष 1995 तक 25 साल सेवा पूरा करने वालों की मेरिट लिस्ट बनाया गया है. इमें वैसे शिक्षकों को भी पदोन्नति का लाभ दिया जाना है, जिन्होंने पीएचडी किया है. इसके अलावा जो पीएचडी के विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं. उनका 1995 तक 16 वर्ष सेवा पूरी होनी चाहिए. उक्त स्कीम में रिटायर शिक्षकों को भी शामिल किया गया है.
वर्ष 1995 की सीमा समाप्त करने की मांग. यूजीसी की गाइडलाइन के तहत शिक्षकों को सेवाकाल में दो बार पदोन्नति मिलनी चाहिए. सहायक प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर पर पदोन्नति के लिए दस साल की योग्यता है. वहीं एसोसिएट प्रोफेसर को प्रोफेसर में पदोन्नति के लिए 25 साल तक का प्रावधान है. शिक्षकों ने सरकार से पदोन्नति के लिए तय वर्ष 1995 को समाप्त करने की मांग की है. 25 साल और 10 साल तक सेवा देने वालो को पदोन्नति देने की मांग की है.
केयू बनने के बाद डॉ पद्माजा सेन को ही मिली पदोन्नति. कोल्हान विश्वविद्यालय स्थापित होने के बाद सिर्फ डॉ पद्माजा सेन को प्रोफेसर पद पर पदोन्नति हुई है. इससे पहले किसी शिक्षक व शिक्षिका को पदोन्नति नहीं मिली है. 25 साल तक कई शिक्षक सेवा दे चुके हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति नहीं मिली है. डॉ सेन महिला कॉलेज की प्रभारी प्रचार्या व विवि में डीएसब्ल्यू के पद पर अपनी सेवा दे चुकी हैं.
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