आज है कालाष्टमी, करें भगवान काल भैरव की आरती

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आज है कालाष्टमी, करें भगवान काल भैरव की आरती

Kalashtami 2026: कालाष्टमी के पावन अवसर पर भगवान काल भैरव की आरती जरूर करें. आरती हमेशा पूजा के अंत में की जाती है. आरती करने के बाद ही पूजा पूर्ण मानी जाती है. आरती हमेशा दीपक या कपूर जलाकर, आरती गान करते हुए करनी चाहिए.

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Kalashtami 2026: आज 10 अप्रैल 2026 को वैशाख मास की कालाष्टमी मनाई जा रही है. हिंदू धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप भगवान काल भैरव को समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान काल भैरव की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन से नकारात्मक ऊर्जा और भय दूर होते हैं तथा शत्रुओं का नाश होता है.

कालाष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार अष्टमी तिथि का समय कुछ इस प्रकार है:

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: 9 अप्रैल 2026, रात्रि 09:19 बजे से
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 10 अप्रैल 2026, रात्रि 11:15 बजे तक
  • पूजा का विशेष समय: कालाष्टमी की पूजा मुख्य रूप से निशिता काल (मध्यरात्रि) या संध्या काल में फलदायी मानी जाती है.

काल भैरव की आरती

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा.

जय काली और गौरा देवी कृत सेवा..

जय भैरव देवा…

तुम्हीं पाप उद्धारक दु:ख सिंधु तारक.

भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक..

जय भैरव देवा…

वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी.

महीमा अमित तुम्हारी जय जय भयकारी..

जय भैरव देवा…

तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे.

चौमुख दीपक दर्शन दु:ख सगरे खोंवे..

जय भैरव देवा…

तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी.

कृपा करिये भैरव करिये नहीं देरी..

जय भैरव देवा…

पांव घुंघरु बाजत अरु डमरु डमकावत.

बटुकनाथ बन बालक जन मन हरषावत..

जय भैरव देवा…

बथुकनाथ की आरती जो कोई नर गावे.

कहें धरणीधर नर मनवाछिंत फल पावे..

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा.

जय काली और गौरा देवी कृत सेवा..

जय भैरव देवा…

यह भी पढ़ें: Kalashtami 2026: कालाष्टमी पर करें भगवान काल भैरव की आराधना, जानें प्रिय भोग से लेकर कथा तक सब कुछ

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Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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