फायदेमंद है क्राइलर मुर्गी एवं बत्तख पालन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :08 Jun 2015 8:24 AM (IST)
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चक्रधरपुर का पहला क्राइलर मुर्गी फॉर्म . बत्तख पालन कर शमशाद खान बने आत्मनिर्भर चक्रधरपुर : चक्रधरपुर का पहला क्राइलर मुर्गी-बत्तख फॉर्म पंप रोड में शिशु मंदिर के समीप संचालित हो रहा है. दिसंबर14 में केग फार्म के नाम से उक्त पालन केंद्र की स्थापना की गयी थी. चाईबासा निवासी शमशाद खान उर्फ छोटु ने […]
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चक्रधरपुर का पहला क्राइलर मुर्गी फॉर्म . बत्तख पालन कर शमशाद खान बने आत्मनिर्भर
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर का पहला क्राइलर मुर्गी-बत्तख फॉर्म पंप रोड में शिशु मंदिर के समीप संचालित हो रहा है. दिसंबर14 में केग फार्म के नाम से उक्त पालन केंद्र की स्थापना की गयी थी. चाईबासा निवासी शमशाद खान उर्फ छोटु ने उक्त फार्म को स्थापित किया था. प्रारंभ में फार्म को संचालित करने में कई परेशानियां आयीं. खरीदार नहीं मिलने के कारण कई बार नुकसान भी उठाना पड़ा. लेकिन छोटु ने हिम्मत नहीं हारी और फार्म को जारी रखा. आज उक्त फार्म में बत्तख, मुर्गी व मुर्गे का पालन हो रहा है. शमशाद आज आत्मनिर्भर है.
शमशाद खान के मुताबिक क्राइलर का बीज बनारस से लाया जाता है. सामान्य जाति की मुर्गी जहां अधिकतम 2 किलो की होती है, वहीं क्राइलर मुर्गी 6 से 7 किलो और क्राइलर मुर्गा 8 से 9 किलो तथा बत्तख 10 किलो तक का होता है. जिस तरह सामान्य मुर्गी का भोजन है, क्राइलर का भी वही भोजन है. मुर्गी व बत्तख की विशेषता यह है कि सालों भर अंडा देती है. पांच माह की उम्र से ही अंडा देना शुरू हो जाता है. एक बार में 40-42 अंडे देती है. फिर 18-20 दिनों का गैप के बाद अंडा दिया जाना शुरू हो जाता है. सालों भर यही सिलसिला चलता रहता है.
इसकी अधिकतम आयु 8 से 9 सात तक की होती है. शमशाद के मुताबिक क्राइलर का चूजा को 4-5 दिनों तक ट्रीटमेंट दिया जाता है. तब 250 से 300 ग्राम तक वजन हो जाता है. फिर उसे गांव गांव में ले जा कर बेचा जाता है. एक चूजा डेढ़ सौ रुपये में बेचा जाता है.
बत्तख को राजपूत बत्तख कहा जाता है. इन बत्तखों को पानी की जरूरत नहीं होती. बत्तख का ग्रोथ काफी तेजी से होता है. एक माह में ही एक किलोग्राम के करीब हो जाता है. बत्तख और मुर्गी-मुर्गा भोजन में भी इस्तेमाल किया जाता है. इसका मीट सामान्य मुर्गे व बत्तख की तरह ही होते हैं. इस रोजगार में अभी 11 लोग जुड़े हुए हैं. चूजा बेचने के लिए वेंडरों को रोजगार दिया जा रहा है.
चक्रधरपुर : तीन दिनों से लापता चक्रधरपुर एससी रेलवे उच्च विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 10वीं के दो छात्र पुलिस की सक्रियता से चक्रधरपुर स्टेशन से रविवार को बरामद कर लिया गया.
जानकारी के मुताबिक तंबाकू पट्टी निवासी संतोष महांति का पुत्र ऋतिक महांति (14)व वार्ड छह निवासी मंजू देवी का पुत्र आकाश कुमार चौधरी (14) पांच जून की शाम करीब पांच बजे टय़ूशन पढ़ने जाने की बात कह घर से निकले. इसके बाद दोनों देर शाम तक घर नहीं लौटे. परिजनों ने दोनों की काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं पता नहीं चल पाया है. इसके बाद परिजनों ने चक्रधरपुर थाने में लिखित शिकायत की.
परिजनों ने बताया कि जुबेर अली नामक युवक के साथ दोनों को देखने की खबर मिली है. इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दोनों को रविवार की शाम चक्रधरपुर स्टेशन से बरामद कर लिया है. दोनो को पुलिस थाने लायी है.छात्रों ने बताया कि वे दो दिन तक कोलकाता में रहे.
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