आयुक्त का आदेश दमनात्मक
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :31 May 2015 8:33 AM (IST)
विज्ञापन

जांच से पूर्व साक्ष्य व शपथपत्र देने का ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने किया विरोध, कहा चाईबासा : इंटरनेशनल ह्यूमन राइट ऑर्गनाइजेशन(वाइडीसी) ने आयुक्त अरुण के उस आदेश को दमनात्मक कार्रवाई करार दिया है जिसमें उन्होंने सरकारी सेवकों के खिलाफ जांच शुरू करने से पूर्व साक्ष्य व शपथ पत्र देने को कहा है. संगठन के पश्चिम […]
विज्ञापन
जांच से पूर्व साक्ष्य व शपथपत्र देने का ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने किया विरोध, कहा
चाईबासा : इंटरनेशनल ह्यूमन राइट ऑर्गनाइजेशन(वाइडीसी) ने आयुक्त अरुण के उस आदेश को दमनात्मक कार्रवाई करार दिया है जिसमें उन्होंने सरकारी सेवकों के खिलाफ जांच शुरू करने से पूर्व साक्ष्य व शपथ पत्र देने को कहा है. संगठन के पश्चिम सिंहभूम जिला सचिव अंतु सुंडी ने आयुक्त के इस आदेश को लोक प्रतिनिधियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई बताया है.
आयुक्त ने अपने आदेश में तीनों जिला के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि सरकारी सेवकों के खिलाफ आम जनता या लोक प्रतिनिधि की शिकायत को तभी जांच के दायरे में लाये जब उसके साथ साक्ष्य और शपथपत्र दिया जाये. सुंडी ने आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी बयान पर भी सवाल उठाये है.
उन्होंने कांग्रेस पार्टी के तथाकथित महामंत्री साधुचरण सिंह कुंटिया के किसी भी शिकायत पत्र पर कार्रवाई नहीं करने के आदेश को भी गलत ठहराया व इसे मानवाधिकार का उल्लंघन करार दिया. सुंडी ने जारी बयान में सवाल किया है कि यदि कुंटिया ने किसी सरकारी सेवक के विरोध में जांच हेतु परिवाद पत्र जारी किया है तो क्या आदेश निर्गत करने के पूर्व कुंटिया से स्पष्टीकरण पूछा गया है अथवा नहीं ? अगर नहीं पूछा गया तो कुंटिया के प्रति कार्रवाई नाइंसाफीमानी जायेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




