तमिलनाडु गैस रिसाव घटना के बाद सकुशल लौटे पश्चिमी सिंहभूम के 14 श्रमिक, चक्रधरपुर में स्वागत
चक्रधरपुर स्टेशन पर श्रमिकों का स्वागत करते लोग.
West Singhbhum News: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में अमोनिया गैस रिसाव के बाद पश्चिमी सिंहभूम के 14 प्रवासी श्रमिक सकुशल चक्रधरपुर लौटे. झारखंड सरकार, श्रम विभाग और जिला प्रशासन के प्रयास से उनकी सुरक्षित वापसी हुई. प्रशासन ने स्वागत कर घर पहुंचाने और फूड बास्केट की भी व्यवस्था की.
चक्रधरपुर से रविशंकर मोहंती की रिपोर्ट
West Singhbhum News: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद पश्चिमी सिंहभूम जिले के 14 प्रवासी श्रमिक सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं. गुरुवार को सभी श्रमिक रेल मार्ग से राउरकेला होते हुए चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. प्रशासन ने सभी श्रमिकों की कुशलक्षेम की जानकारी ली और उन्हें सुरक्षित उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की. यह पूरी प्रक्रिया झारखंड सरकार, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से पूरी की गई. गैस रिसाव की घटना के बाद सरकार ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी.
आपके शहर में
अमोनिया गैस रिसाव के बाद शुरू हुई सुरक्षित वापसी
जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले स्थित एक औद्योगिक इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की घटना सामने आने के बाद वहां कार्यरत झारखंड के श्रमिकों को लेकर चिंता बढ़ गई थी. घटना की जानकारी मिलते ही झारखंड सरकार ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने तत्काल जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया. प्रभावित श्रमिकों से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी ली गई और उन्हें सुरक्षित झारखंड वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रमिक को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े.
चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर प्रशासन ने किया स्वागत
गुरुवार को जब सभी 14 श्रमिक रेल मार्ग से राउरकेला होते हुए चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे तो जिला प्रशासन की टीम पहले से वहां मौजूद थी. अधिकारियों ने सभी श्रमिकों का स्वागत किया और एक-एक कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति तथा यात्रा संबंधी अनुभवों की जानकारी ली. प्रशासन ने श्रमिकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और भविष्य में भी किसी आपात स्थिति में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. अधिकारियों ने श्रमिकों से बातचीत कर यह भी जाना कि तमिलनाडु में गैस रिसाव की घटना के दौरान उन्हें किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा.
घर पहुंचाने के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था
रेलवे स्टेशन पर औपचारिक स्वागत के बाद जिला प्रशासन ने सभी श्रमिकों को उनके-अपने गांव और घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष वाहनों की व्यवस्था की. इससे श्रमिकों को आगे की यात्रा के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. इसके साथ ही प्रशासन की ओर से प्रत्येक श्रमिक को खाद्य सामग्री से युक्त फूड बास्केट भी उपलब्ध कराया गया. इसका उद्देश्य यह था कि घर पहुंचने के बाद उन्हें तत्काल भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी महसूस न हो. प्रशासन की इस पहल की श्रमिकों और उनके परिजनों ने सराहना की.
प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
जिला प्रशासन ने कहा कि झारखंड सरकार प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. राज्य के बाहर कार्यरत श्रमिक किसी भी आपात स्थिति में अकेले नहीं हैं. सरकार लगातार ऐसे मामलों पर नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर तत्काल हस्तक्षेप करती है. प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है.
इसे भी पढ़ें: हजारीबाग ओपन जेल की सुविधाओं पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से 20 जुलाई तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट
भविष्य में भी तत्पर रहेगी झारखंड सरकार
भविष्य में भी यदि किसी राज्य में कार्यरत झारखंड के श्रमिक किसी संकट में फंसते हैं तो उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन तत्पर रहेगा. तमिलनाडु की गैस रिसाव घटना के बाद 14 श्रमिकों की सकुशल घर वापसी इस बात का उदाहरण है कि विभिन्न विभागों के समन्वय और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई से संकट की घड़ी में प्रभावित लोगों को समय पर राहत और सुरक्षा प्रदान की जा सकती है.
इसे भी पढ़ें: दुमका और गोड्डा कोर्ट पर हमले की धमकी से हड़कंप, स्पीड पोस्ट से भेजे गए पत्र के बाद हाई अलर्ट
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By कुमार विश्वत सेन
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए