चाईबासा जेल ब्रेक की साजिश, चार गिरफ्तार, इससे पहले जेल ब्रेक में भागे थे तीन नक्सली

Updated at : 09 Oct 2018 7:04 AM (IST)
विज्ञापन
चाईबासा जेल ब्रेक की साजिश, चार गिरफ्तार, इससे पहले जेल ब्रेक में भागे थे तीन नक्सली

चाईबासा : चाईबासा जेल से 25 लाख रुपये के इनामी संदीप समेत सात नक्सलियों को भगाने की साजिश रचनेवाले भाजपा नेता रमा पांडेय समेत जेल के तीन गार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया है. एसपी क्रांति कुमार गड़देसी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि रमा पांडेय को रविवार की शाम गुवा स्थित कार्यालय से गिरफ्तार […]

विज्ञापन
चाईबासा : चाईबासा जेल से 25 लाख रुपये के इनामी संदीप समेत सात नक्सलियों को भगाने की साजिश रचनेवाले भाजपा नेता रमा पांडेय समेत जेल के तीन गार्ड को गिरफ्तार कर लिया गया है.
एसपी क्रांति कुमार गड़देसी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि रमा पांडेय को रविवार की शाम गुवा स्थित कार्यालय से गिरफ्तार किया गया. जबकि खूंटी के हातुदानी निवासी विजय खलखो, तुनगांव बरटोली निवासी चामु मुंडा तथा कोटलो निवासी जुएल होरो को चाईबासा जेल परिसर स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया. उन्होंने कहा कि जेल में बंद संदीप ने छह अन्य नक्सलियों के साथ मिलकर जेल ब्रेक की योजना तैयार की थी.
इसके लिए गार्ड विजय खलखो, चामु मुंडा व जुएल होरो के साथ रमा पांडेय की दस लाख रुपये में डील हुई थी. बतौर एडवांस विजय खलखो को रमा चार लाख रुपये दे चुका था. दुर्गा पूजा में जेल ब्रेक की घटना को अंजाम देने की साजिश रची गयी थी. उन्होंने कहा कि इनामी नक्सली संदीप का फायनांसर रमा पांडेय दो बार जेल जा चुका है. उस पर नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं.
26 को मिली थी सूचना : एसपी ने बताया कि 26 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि हार्डकोर नक्सली संदीप छह साथियों जयमसीह चरद, रामेश्वर कुंकल, मार्कंडेय सिंह कुंटिया, देव बिरूली, नाला भिक्षापतिस, राजेश टुडू के साथ भागने की योजना बना चुका है.
इस षडयंत्र में जेल में कार्यरत कुछ सुरक्षाकर्मी भी शामिल है. उन्हें मोटी रकम देने की पेशकश की गयी है. वे लोग रस्सी के सहारे जेल से भाग सकते है. साथ ही कोर्ट आने जाने के दौरान बमबारी करा भाग सकते हैं. उनके कुछ सहयोगी रेकी भी कर रहे हैं.
पूर्व में हुए दो जेल ब्रेक के दौरान भी विजय था पदस्थापित
जेल गार्ड विजय खलखो इससे पूर्व 17 जनवरी 2011 व 9 दिसंबर 2014 को हुए चाईबासा जेल ब्रेक कांड के समय भी चाईबासा जेल में पदस्थापित था. इस कारण वह संदीप से परिचित था. विजय ने ही अन्य दो कर्मियों को पैसे का प्रलोभन देकर योजना बना चुका था. इनके बीच पत्राचार भी हुआ था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है.
पहली दफा जेल ब्रेक में भागे थे तीन नक्सली
पहली दफा 27 जनवरी 2011 को हुए जेल ब्रेक में संदीप दा, धीरेन उर्फ उत्तम तथा रघुनाथ हेंब्रम जेल के सेल की खिड़की का रॉड काटकर भाग गये थे. इनमें धीरेन को ओड़िशा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था..
जबकि संदीप को दो नवंबर 2017 को चाईबासा पुलिस ने जेटिया से गिरफ्तार कर लिया था. इसी तरह दूसरे जेल ब्रेक में 9 सितंबर 2014 को 15 कैदी भागने में सफल रहे थे. इनमें आठ नक्सली और सात अपराधी थे. जबकि दो नक्सली मारे गये थे. भागने वाले नक्सलियों में चोकरो चाकी, विमल गुड़िया, गुड़ा नाग जैसे नक्सलियों को पुलिस फिर से पकड़ने में सफल रही थी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola