मुखिया व सेविका आमने-सामने, जनप्रतिनिधि को सम्मान नहीं देने पर मचा बवाल

Author Ravi mohanty|Edited by Sameer Oraon
Updated:
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मुखिया व सेविका आमने-सामने, जनप्रतिनिधि को सम्मान नहीं देने पर मचा बवाल | Prabhat Khabar Network

मुखिया व सेविका आमने-सामने, जनप्रतिनिधि को सम्मान नहीं देने पर मचा बवाल | Prabhat Khabar Network

मुखिया व सेविका आमने

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चक्रधरपुर : चक्रधरपुर प्रखंड के चंद्री पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र चंद्री (बी) में शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान मुखिया शुरूमनी बारला और केंद्र की सेविका के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. मामला जनप्रतिनिधि को उचित सम्मान नहीं दिए जाने और केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर शुरू हुआ, जिसके बाद कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा. मुखिया शुरूमनी बारला आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करने पहुंची थीं. निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में संचालित योजनाओं, बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली. इस दौरान केंद्र में कुल 20 बच्चों के नामांकन की जानकारी दी गई. केंद्र में सेविका गीता महतो एवं सहायिका सरस्वती देवी कार्यरत हैं. निरीक्षण के क्रम में मुखिया ने कई कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने बताया कि केंद्र में पोषाहार, सेविका-सहायिका मानदेय, आरटी पैकेट, खेलकूद एवं पढ़ाई से संबंधित आवश्यक सामग्री तथा मेनू चार्ट पेपर उपलब्ध नहीं हैं. वहीं बच्चों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम पाई गई. केंद्र में बच्चों की उपस्थिति के अनुसार ही मध्यान भोजन तैयार किया जाता है. मुखिया ने केंद्र की मूलभूत सुविधाओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में चापाकल की व्यवस्था नहीं होने के कारण भोजन बनाने के लिए दूर से पानी लाना पड़ता है, जिससे सेविका- सहायिका और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि के प्रति सम्मान और केंद्र संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर मुखिया और सेविका के बीच बहस हो गई. हालांकि बाद में मामला शांत हो गया. मुखिया ने संबंधित विभाग से केंद्र में पेयजल, शैक्षणिक सामग्री एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी मूलभूत सुविधाओं का होना आवश्यक है.स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए विभाग को शीघ्र पहल करनी चाहिए, ताकि बच्चों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके. इधर केंद्र की सेविका गीता महतो ने कहा कि मुखिया सम्मनजनक पद है. लेकिन में सरकार द्वारा संचालित एसआईआर कार्य में व्यस्त रहने के कारण मुखिया से वार्ता नहीं कर सकी. उन्होंने कहा कि बाल विकास परियोजना कार्यालय की ओर से पिछले 6 माह से मानदेय नहीं मिला है. जिसके कारण केंद्र संचालन में दिक्कत आ रही है. विभाग से कई सामग्री उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशानी भी हो रहा है.


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