गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड के लिए दिखा रहे बाहर का रास्ता
Updated at : 12 Nov 2017 5:53 AM (IST)
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अनुमंडल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं, खर्चने पड़ रहे 500 से 800 रुपये चक्रधरपुर : चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा नहीं है. अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाएं बाहर से प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड करा कर डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाती है. अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग […]
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अनुमंडल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं, खर्चने पड़ रहे 500 से 800 रुपये
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा नहीं है. अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाएं बाहर से प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड करा कर डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाती है. अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कई बार लिखित रूप से कहा गया, बावजूद किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई. इससे सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र की गरीब गर्भवती महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने पर 500 से 800 रुपये खर्च हो जाते हैं.
वाउचर जमा करने पर मिलता है मात्र 200 रुपये : गर्भवती महिलाओं द्वारा बाहर से कराये गये जांच व अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट व वाउचर जमा करने पर अस्पताल की ओर से केवल 200 रुपये दिये जाते हैं. जबकि एक गर्भवती महिला को कम से कम तीन से चार बार अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है. जिसमें लगभग 2 से 3 हजार रुपये तक खर्च हो जाते है.
क्या कहती हैं महिलाएं: अस्पताल में भर्ती पनसुवा गांव निवासी प्रसुता महिला तापश्वनी प्रधान ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था नहीं है. जिससे हमें राउलकेला से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा. एक बार अल्ट्रासाउंड कराने में 780 रुपये खर्च हुआ. साथ ही परेशानियों का भी सामना करना पड़ा. चोगासाई गांव निवासी गर्भवती महिला तबस्सुम परवीन ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था होनी चाहिए. व्यवस्था नहीं होने के कारण हमें रांची में अल्ट्रासाउंड करना पड़ा. जिसमें 500 रुपये खर्च हुए.
अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था के लिए लिखा गया है पत्र : डॉ आरएन सोरेन : अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएन सोरेन ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के नाम पर गर्भवती महिलाओं के बैंक खाता में 200 रुपये व जननी सुरक्षा के नाम से 1400 रुपये दिया जाता है.
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