राज्यभर में आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए बनेगा सप्लाई चेन

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 28 Mar 2020 12:42 AM

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राज्यों के शासन और प्रशासन से संपर्क कर झारखंड वासियों की मूलभूत जरूरतों को वहीं पूरा कराया जायेगा. उन्होंने सचिवों को अन्य प्रदेशों में फंसे लोगों की संख्या, पता-ठिकाना आदि की मुकम्मल जानकारी लेकर उन तक स्थानीय स्तर पर सुविधा पहुंचाने का प्रयास शुरू करने के निर्देश दिये.

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रांची : कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव और लॉकडाउन के लिए बनी राज्यस्तरीय समितियों के नोडल पदाधिकारियों ने मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी के साथ विचार और सुझाव साझा किये. विभिन्न प्रदेशों में फंसे झारखंड के लोगों के लगातार वापस घर लाने के आग्रह पर मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार के गाइड लाइन का हवाला देते हुए स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि झारखंड के अन्य प्रदेशों में ठहरे लोगों को वहीं रहना होगा. वर्तमान परिस्थितियों में परिवहन संभव नहीं है.

राज्यों के शासन और प्रशासन से संपर्क कर झारखंड वासियों की मूलभूत जरूरतों को वहीं पूरा कराया जायेगा. उन्होंने सचिवों को अन्य प्रदेशों में फंसे लोगों की संख्या, पता-ठिकाना आदि की मुकम्मल जानकारी लेकर उन तक स्थानीय स्तर पर सुविधा पहुंचाने का प्रयास शुरू करने के निर्देश दिये.

मुख्य सचिव ने लॉकडाउन के दौरान मोहल्लों से लेकर सुदूर गांव के लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए फूड सप्लाई चेन बनाने का निर्देश दिया. कहा कि हर जिले में उपायुक्त सिविल सोसायटी, एनसीसी और अन्य सामाजिक संगठनों के कम से कम एक हजार लोगों का सप्लाई चेन बना कर उनको आपदा मित्र का नाम दें. यह लोग डोर टू डोर आवश्यक सामग्री की सप्लाई करेंगे. इससे हाट बाजारों में भीड़ पर अंकुश लगाते हुए लॉकडाउन को सफल हो सकेगा.

उन्होंने कहा कि राशन की सभी दुकानें पर्याप्त समय तक खुलें और उसमें पर्याप्त मात्रा में राशन का रहना सुनिश्चित किया जाये. मुख्य सचिव ने सूखा राशन पैक बनाने और उसे भी सप्लाई चेन से जोड़ने का निर्देश दिया. कहा कि प्रत्येक जिले में पर्याप्त पैकेट्स की दर से तैयारी करें. मुख्य सचिव ने सहिया, सहायिका और मुखिया को जूम टेक्नोलॉजी से जोड़ कर गांवों में बाहर से लौटे लोगों की जांच और निगरानी करने का सुझाव दिया. उन्होंने कालाबाजारी पर नजर रखते हुए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा.

घर तक दवा पहुंचाने की हो व्यवस्था : मुख्य सचिव ने लॉकडाउन के दौरान लोगों तक दवा पहुंचाने के लिए पेशेंट मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया. कहा कि यह व्यवस्था इलाकावार होनी चाहिए. इसके लिए फार्मेसी यूनियन से बात कर दवा की होम डिलिवरी सिस्टम बना कर प्रचारित करायें. मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कोरोना वायरस कंट्रोल रूम का प्रतिदिन एक बार मुआयना करने का निर्देश दिया. कहा कि हेल्प डेस्क नंबरों की सक्रियता की पड़ताल होती रहनी चाहिए. उन्होंने सूचना के आदान-प्रसाद के लिए कोरोना वायरस से निबटने के लिए बनी राज्यस्तरीय समितियों के राज्य प्रभारियों का एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने का भी निर्देश दिया.

होम क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्तियों की सतत निगरानी कराने को कहा. बैठक में अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अरुण कुमार सिंह, केके खंडेलवाल, प्रधान सचिव एपी सिंह, अविनाश कुमार, नितीन मदन कुलकर्णी, अजय कुमार सिंह, राजीव अरूण एक्का, सचिव केके सोन, राहुल शर्मा, हिमानी पांडेय, आराधना पटनायक, पूजा सिंघल, विनय कुमार चौबे, प्रवीण टोप्पो, के रवि कुमार, राहुल पुरवार, अमिताभ कौशल, अबु बकर सिद्दीकी, प्रशांत कुमार, राजीव लोचन बख्शी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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