108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति बदहाल, 13 में से नौ खराब

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108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति बदहाल, 13 में से नौ खराब

108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति बदहाल, 13 में से नौ खराब

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सिमडेगा. जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति बदहाल हो गयी है. 108 एंबुलेंस सेवा की अधिकांश गाड़ियां खराब पड़ी हुई हैं. आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा और गरीब मरीजों की सुविधा के लिए सरकार ने वर्ष 2017 में 108 एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की थी. इसके बाद गरीब मरीजों को नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा मिलने लगी और आपातकालीन परिस्थितियों में यह सेवा संजीवनी साबित हो रही थी. लेकिन लचर व्यवस्था व रखरखाव के अभाव में 108 एंबुलेंस सेवा अब बदहाल स्थिति में पहुंच गयी है. जिले में कुल 13 एंबुलेंस हैं, लेकिन वर्तमान में इनमें से नौ एंबुलेंस पूरी तरह खराब हैं. बची चार एंबुलेंस किसी तरह चालू स्थिति में हैं. इन चारों एंबुलेंसों के भी कभी बीच रास्ते में बंद पड़ जाने का खतरा बना रहता है. खराब हो चुकी 108 एंबुलेंसों की स्थिति अब अस्पताल प्रबंधन के लिए भी परेशानी का कारण बन गयी है. सदर अस्पताल से किसी मरीज को रिम्स रेफर किये जाने पर मरीजों को निजी एंबुलेंस सेवा का सहारा लेना पड़ता है. इधर, जानकारी मिली है कि झारखंड में 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली कंपनी के साथ सरकार ने अपना करार समाप्त कर दिया है. एंबुलेंसों की बदहाली व कर्मियों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है. बताया गया कि जब तक किसी नयी कंपनी को सेवा संचालन की जिम्मेदारी नहीं मिल जाती, तब तक सम्मान फाउंडेशन एंबुलेंस सेवा का संचालन करेगा. सिविल सर्जन डॉ सुंदर मोहन सामद ने बताया कि 108 एंबुलेंसों की बदहाल स्थिति को लेकर राज्य मुख्यालय से सेवा को सुदृढ़ करने की मांग की गयी है.

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