सिमडेगा के जूनियर हॉकी खिलाड़ियों को मुंबई के समाजसेवियों का मिला साथ,तो बैंकाक की एक डॉक्टर सिखायेगी अंग्रेजी
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 29 Aug 2021 9:45 PM
झारखंड में हॉकी की नर्सरी सिमडेगा के जूनियर खिलाड़ियों के लिए मुंबई की समाजसेवियों ने एक माह का पौष्टिक आहार भिजवाया है. वहीं, बैंकाक की एक डॉक्टर मनीषा ने इन बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने की इच्छा जाहिर की, जिसका हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने स्वागत किया.
Jharkhand News (रविकांत साहू, सिमडेगा) : पौष्टिक आहार के अभाव के बावजूद हॉकी के मैदान में पसीना बहाने वाली खिलाड़ियों के लिए मुंबई के कुछ समाजसेवी आगे आये. उन्होंने 20 खिलाड़ी बच्चों के लिए एक माह का पौष्टिक आहार भेजा है. पौष्टिक आहार में सोयाबीन का आटा, राजमा, चना, मूंग, सरसों तेल, खजूर, बादाम सहित कई वस्तुएं शामिल है. वहीं, खिलाड़ियों को एक- एक हॉकी बॉल भी दिया गया.
हॉकी की नर्सरी, सिमडेगा के बच्चों के लिए मुंबई के प्रोफेसर अरुण राय, उनकी डॉक्टर बेटी स्वाधा राय और मेघा राय, अलका जैन और शुभम जैन, मुंबई के ही डॉ ग्लेन मॉक्रेनहास और साधना पवन राय ने 20 खिलाड़ी बच्चों के लिए एक माह का पौष्टिक आहार भेजा है. इसे खिलाड़ियों के बीच वितरित किया गया.
पौष्टिक आहार में सोयाबीन का आटा, राजमा, चना, मूंग, सरसों तेल, खजूर, बादाम सहित कई वस्तुएं शामिल है. बच्चे- बच्चियों को पौष्टिक आहार वितरण कार्यकम के दौरान सभी समाजसेवी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ऑनलाइन जुड़े रहे. डिवाइन होंडा शो रूम में आयोजित कार्यक्रम में हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी और महासचिव कमलेश्वर मांझी मौजूद थे. दोनों ने बच्चों को पौष्टिक आहार सौंपा.
इसके अलावा हॉकी झारखंड के अध्यक्ष भोलानाथ सिंह और भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान एवं कोच रह चुकीं असुंता लकड़ा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं और बच्चों का हौसला बढ़ाया. प्रो अरुण राय और उनके साथियों को झारखंड की हॉकी प्रतिभाओं की मदद के लिए आगे आने को लेकर धन्यवाद दिया.
कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़ी रांची की डॉक्टर ममता ने बच्चे-बच्चियों को पौष्टिक आहार के बारे जानकारी दी. साथ ही उपलब्ध करायी जा रही सामग्री के उपयोग, गांव में मौजूद मड़ुआ का आटा, चकोड़ साग सहित अन्य उपलब्ध खाद्य सामग्री से शरीर को खेल के लिए फिट रखने की जानकारी दी. रांची से डॉ राजचंद्र झा ने भी खिलाड़ियों को आवश्यकता होने पर इलाज और दवाओं की मदद की बातें कहते हुए कहा कि प्रतिभावान बच्चे किसी भी तरह गरीब नहीं हो सकते. उन्हें प्रोत्साहन और जरूरी सहयोग देने की जरूरत है.
बैंकाक की डॉ मनीषा बोस ने हॉकी प्रतिभाओं के लिए अंग्रेजी का ज्ञान जरूरी बताया, ताकि अंतरराष्ट्रीय दौरे के क्रम में अपने खेल को और बेहतर कर सकें. उन्होंने कहा कि वे सिमडेगा के हॉकी खिलाड़ियों को ऑनलाइन अंग्रेजी पढ़ाना चाहती हैं. इसका हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने स्वागत करते हुए कहा कि जल्द ही उनकी सेवा का लाभ बच्चों तक पहुंचाया जायेगा.
Posted By : Samir Ranjan.
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