जलमग्न व संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पुल-पुलिया निर्माण हो : विधायक

विधायक भूषण बाड़ा ने ग्रामीण विकास मंत्री से सिमडेगा में जलमग्न क्षेत्रों की पहचान कर पुल-पुलिया और जर्जर सड़कों के निर्माण की मांग की है।
सिमडेगा. सिमडेगा के समग्र विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल स्थिति में सुधार को लेकर विधायक सह कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूषण बाड़ा ने झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से मुलाकात की. इस दौरान जिप सदस्य सह कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष जोसिमा खाखा भी मौजूद थीं. मुलाकात के दौरान विधायक ने सिमडेगा की भौगोलिक चुनौतियों और बुनियादी समस्याओं का विस्तृत ब्योरा मंत्री के समक्ष रखा. उन्होंने मांग की कि बरसात के दौरान मुख्यधारा से कट जाने वाले गांवों को जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर पुल, पुलिया और पक्की सड़कों का निर्माण कराया जाये.
विधायक ने कहा कि सिमडेगा आदिवासी बहुल जिला है, जो पहाड़ों और नदियों से घिरा हुआ है. मानसून के दौरान दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय और प्रमुख मार्गों से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है. उफनती नदियों और नालों के कारण कई गांव टापू में तब्दील हो जाते हैं. ऐसे हालात में बीमार लोगों को खाट पर लादकर नदी पार करानी पड़ती है, जबकि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आपातकालीन सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं.
उन्होंने जलमग्न और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर पुल-पुलिया निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की. भूषण बाड़ा ने ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग की वर्षों से जर्जर पड़ी सड़कों की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि कई सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं. शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर चिंता जताते हुए विधायक ने जिले के जर्जर सरकारी स्कूल भवनों का मुद्दा भी मंत्री के समक्ष रखा. उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों की इमारतें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि वहां बच्चों को पढ़ाना जोखिम भरा है.
उन्होंने जिले के सभी पुराने स्कूल भवनों का सर्वे करा कर जर्जर ढांचों को हटाने और उनकी जगह आधुनिक, सुरक्षित व सभी सुविधाओं से युक्त नये भवनों का निर्माण कराने की मांग की. विधायक ने स्पेशल डिवीजन, पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के तहत मिलने वाली विकास योजनाओं के कोटा में बढ़ोतरी की भी मांग की. उनका कहना था कि सिमडेगा विकास के कई मानकों पर अभी भी पिछड़ा जिला है, इसलिए इसे विशेष प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विधायक की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों से सिमडेगा की समस्याओं पर त्वरित रिपोर्ट तैयार कराने का निर्देश देने की बात कही. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हेमंत सोरेन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों का विकास है और बरसात के दौरान संपर्क से कट जाने वाले गांवों में पुल निर्माण को लेकर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जायेगा. मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, प्रदेश सह प्रभारी श्री बेला प्रसाद समेत अन्य नेता उपस्थित थे.
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By Prabhat Khabar News Desk
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