ब्लड सैंपल की जांच मंे मिला एंथ्रेक्स

Updated at : 25 Oct 2014 11:03 PM (IST)
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ब्लड सैंपल की जांच मंे मिला एंथ्रेक्स

सीएस ने लोगों को दी एहतियात बरतने की सलाह25एसआइएम:12-सीएसप्रतिनिधि, सिमडेगा बानो प्रखंड के कुचडेगा टोंगरीटोली में फैली बीमारी का खुलासा हो गया है. रिम्स रांची के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के डॉ साहू ब्लड जांच के बाद उक्त बीमारी को एंथ्रेक्स होने का खुलासा किया है. डॉ साहू ने यह जानकारी सदर अस्पताल के सीएस डॉ […]

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सीएस ने लोगों को दी एहतियात बरतने की सलाह25एसआइएम:12-सीएसप्रतिनिधि, सिमडेगा बानो प्रखंड के कुचडेगा टोंगरीटोली में फैली बीमारी का खुलासा हो गया है. रिम्स रांची के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के डॉ साहू ब्लड जांच के बाद उक्त बीमारी को एंथ्रेक्स होने का खुलासा किया है. डॉ साहू ने यह जानकारी सदर अस्पताल के सीएस डॉ एडीएन प्रसाद को दूरभाष पर दी. इधर सिविल सर्जन डॉ प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर बानो मंे फैले बीमारी को एंथ्रेक्स होने की सूचना दी. डॉ प्रसाद ने लोगों को सलाह दी है कि बीमार लोगों के संपर्क से दूर रहें. उन्हांेने कहा कि यह एक जानलेवा बीमारी है. उन्होंने यह कहा कि हिंदुस्तान में इस प्रकार का यह पहली केस है. आजादी के बाद से ही हिंदुस्तान में इस बीमारी का कोई रिपोर्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति एंथ्रेक्स के मरीजों के संपर्क में किसी प्रकार भी आया है, तो वह सिप्रोफ्लोक्सिन या डॉक्सीसाइकलिन का सेवन रोज सुबह शाम 20 दिनों तक करें. उन्होंने मुख्य रूप से चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, प्रशासनिक पदाधिकारियों व मीडिया कर्मियों को भी सलाह दी है कि उक्त दवा का सेवन करें. उक्त दवा को कोई साइड इफेक्ट नहीं है. उन्होंने आम जनों से आग्रह किया है कि यदि किसी व्यक्ति में उक्त बीमारी का लक्षण नजर आये, तो शीघ्र चिकित्सक से सलाह लें.अब तक हो चुकी है सात लोगों की मौतउक्त बीमारी से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है तथा कई ग्रसित हैं. हालांकि गांव में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कैंप किया जा रहा है. उक्त बीमारी की जानकारी 15 अक्तूबर को बानो के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को मिली थी. उन्होंने 16 अक्तूबर को सीएस को वस्तु स्थिति से अवगत कराया था. सूचना मिलते ही सीएस ने मेडिकल टीम के साथ प्रभावित गांव का दौरा किया था. 19 अक्तूबर को रिम्स की मेडिकल टीम गांव पहंुची थी. 22 अक्तूबर को रिम्स की माइक्रो बायोलॉजी विभाग की टीम गांव पहंुची थी. इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में नजर रखा जा रहा है. सीएस डॉ प्रसाद ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं. उक्त बीमारी से ग्रसित लोगों को छाती व पेट में दर्द होता है तथा शरीर में फोड़े निकलते हैं. इसके बाद 10 से 12 घंटे के अंदर उसकी मौत हो जाती है.

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