सरायकेला-खरसावां में बढ़ते सड़क हादसे बने चिंता का कारण, जून में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत
सरायकेला-कांड्रा मुख्य मार्ग पर पिच उखड़ने से बने गड्ढे
Road Accident Concern in Seraikela Kharsawan: सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं. जर्जर सड़कें, ओवरलोड वाहन, तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और बाइक स्टंट जैसी लापरवाहियां दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही हैं, जिससे सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Road Accident Concern in Seraikela Kharsawan: सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. जून माह में ही जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में हुई सड़क दुर्घटनाओं में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. सड़क हादसों के कारण जिले में हर माह औसतन 15 लोगों की जान जा रही है. सड़क हादसों में मौत के आंकड़े चिंताजनक होते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद चालक से लेकर आम लोग यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं.
सड़क सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता पर उठ रहे हैं सवाल
लगातार हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की जागरूकता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सड़क हादसों के लिए भारी वाहनों की ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी भी दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह है. इसके बावजूद कार्रवाई का केंद्र मुख्य रूप से दोपहिया वाहन चालक ही बने हुए हैं. जांच के नाम पर अक्सर बाइक व निजी कारों की ही जांच होती है. भारी व ओवर लोडेड वाहनों के प्रति नरमी भी कई सवालों को खड़ा कर रही है. सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी तरह के नियम नहीं मानने वालों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए.

जर्जर सड़कों से बढ़ रही रही है दुर्घटना
जिले में सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं. चौका से कांड्रा, सरायकेला होते हुए पांड्राशाली तक की सड़क कई जगह जर्जर हो चुकी है. सड़क पर बने गड्ढे गाड़ी चलाने वालों के लिए खतरा बन गए हैं. बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है.

लापरवाह ड्राइविंग से भी बढ़ रहे है हादसे
सड़क हादसों में बढ़ोतरी का एक प्रमुख कारण लापरवाह ड्राइविंग भी है. जिले की सड़कों पर बड़ी संख्या में ओवरलोडेड और तेज रफ्तार भारी वाहन दौड़ रहे हैं. ओवरलोड मालवाहक वाहनों के खिलाफ अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई दे रही है. सरायकेला-खरसावां के सड़कों पर नाबालिगों को सड़कों पर तेज गति से ट्रेक्टर चलाते अक्सर देखा जा सकता है. इनकी नियमित जांच नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है. अधिकांश गंभीर हादसों में भारी वाहनों की भूमिका सामने आई है. ओवरस्पीड, यातायात नियमों की अनदेखी, बिना हेलमेट बाइक चलाना, ट्रिपल राइडिंग और ड्रिंक एंड ड्राइव जैसी लापरवाहियां भी दुर्घटनाओं को बढ़ावा दे रही हैं.
सड़कों पर बाइकर्स के स्टंटबाजी से भी हो रही है दुर्घटना
वहीं युवाओं में बाइक स्टंट का बढ़ता चलन भी चिंता का विषय बन गया है. शाम होते ही कई सड़कों पर बाइकर्स स्टंट करते नजर आते हैं, जिससे न केवल उनकी बल्कि अन्य राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ जाती है. प्रेशर हॉर्न, तेज आवाज वाले साइलेंसर और ध्वनि प्रदूषण भी सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, यातायात नियमों का सख्ती से पालन और प्रभावी निगरानी ही हादसों पर अंकुश लगा सकती है.
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By श्वेता वैद्य
श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.
झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.
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