eraikela kharsawan news: गरीब बच्चों के सपनों को मिले पंख, 89 ने पायी सरकारी नौकरी

Published by : DEVENDRA KUMAR Updated At : 14 Apr 2025 1:17 AM

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कोल्हान नितिर तुरतुंग की अनूठी पहल से भविष्य को मिल रही नयी दिशा

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शचिंद्र कुमार दाश.

कोल्हान नितिर तुरतुंग (केएनटी) लाइब्रेरी छात्रों और युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है. चाईबासा, चक्रधरपुर व कुचाई में स्थापित पुस्तकालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी आ रहे हैं. यहां निशुल्क कोचिंग, करियर गाइडेंस और सुरक्षा बलों की भर्ती के लिए शारीरिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. अबतक 89 युवा इन लाइब्रेरियों की मदद से सरकारी नौकरी प्राप्त कर चुके हैं.

युवाओं को शिक्षा से जोड़ने व पलायन रोकने को तीन दोस्तों ने बनायी संस्था

कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए चक्रधरपुर के माझीराम जामुदा तथा चाईबासा के सिंहराय बोदरा और दुंबी दीपक बारी ने मिलकर संस्था बनायी. उस समय तीनों छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवा में कार्यरत थे. महामारी खत्म होने के बाद, उन्होंने क्षेत्र के आदिवासी युवाओं को शिक्षा से जोड़ने और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन रोकने के उद्देश्य से एक नयी पहल शुरू की.

पे बैक टू सोसाइटी अभियान शुरू किया

तीनों दोस्तों ने समाज के बुद्धिजीवियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ मिलकर “पे बैक टू सोसाइटी ” अभियान शुरू किया. इसके तहत नौकरीपेशा, सेवानिवृत्त और शिक्षित समाजसेवी मासिक 200 रुपये सहयोग देने लगे. तीन लोगों से शुरू इस समूह में आज 450 से अधिक लोग जुड़ गए. उन्हीं लोगों की मदद से आज संस्था संचालित है. वर्ष 2000 में चाईबासा और चक्रधरपुर, तथा 2021 में कुचाई में पुस्तकालय स्थापित किए गए.

निशुल्क शिक्षा और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन

इन लाइब्रेरियों में गरीब और बेरोजगार युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है. इसमें सिविल सेवा, शिक्षक भर्ती, रेलवे और अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुस्तकें उपलब्ध हैं. सेना और पुलिस से रिटायर अधिकारी सुरक्षा बलों की भर्ती के लिए शारीरिक प्रशिक्षण देते हैं.

89 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

इन पुस्तकालयों से अबतक 1,000 से अधिक छात्र करियर गाइडेंस ले चुके हैं, जिनमें से 89 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है. सबसे अधिक 29 युवा अग्निवीर भर्ती में चयनित हुए हैं, जबकि 11 को रेलवे में नौकरी मिली है. इसके अलावा, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आइटीबीपी और असम राइफल्स में भी कई युवाओं को सफलता मिली है.

ऐसे मिल रही है सफलता

नितिन तुरतुंग के अध्ययन केंद्रों में बच्चों को फ्री कोचिंग दी जा रही है. चाईबासा में 210, चक्रधरपुर में 180 व कुचाई में 79 बच्चे निशुल्क कोचिंग ले रहे हैं. इसके लिए चाईबासा व चक्रधरपुर में चार-चार व कुचाई में दो शिक्षकों को रखा गया है. संस्थान की ओर से शिक्षकों को मानदेय दिया जाता है. इसके अलावे सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में कार्यरत वरीय अधिकारी भी बच्चों को करियर काउंसेलिंग कराने के साथ टिप्स देने के लिए आते हैं. पुलिस व सेना के सेवानिवृत्त जवान डिफेंस में बहाली के लिए तैयारी कर रहे युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण देते हैं.

क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं : माझीराम

संस्थान के अध्यक्ष माझीराम जामुदा बताते हैं कि कोल्हान क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बल्कि उन्हें सही दिशा देने की आवश्यकता है. संस्थान गांव-गांव जाकर शिक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चला रहा है और युवाओं को तकनीकी एवं कौशल विकास का प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें. बताते हैं कि शिक्षा एक ऐसी चाबी है, जिससे दुनिया के हर दरवाजे खोले जा सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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