Seraikela Kharsawan News : सरायकेला वन प्रमंडल में 20 साल में 50 से अधिक हाथियों की मौत
Published by : AKASH Updated At : 14 Dec 2025 11:52 PM
चांडिल वन क्षेत्र में एक साल के भीतर तीन हाथियों की मौत, वन विभाग सकते में
खरसावां.
सरायकेला वन प्रमंडल में हाथियों की मौत से वन विभाग सकते में हैं. रविवार को नीमडीह के चातरमा गांव में हाथी की मौत की खबर ने पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों को झकझोर कर रख दिया. हाथी के मौत को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इस वर्ष चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड में जून से दिसंबर 2025 तक तीन हाथियों की मौत हो चुकी है. पहली घटना 5 जून को नीमडीह के आमड़ाबेड़ा में, दूसरी 25 जून को हेवेन गांव में हुई, जबकि तीसरे हाथी की मौत 14 दिसंबर को दर्ज की गयी. इससे पहले वर्ष 2024 में भी एक हाथी की मौत हुई थी.चांडिल वन क्षेत्र में जंगली हाथियों की बढ़ी हलचल
सरायकेला वन प्रमंडल के चांडिल वन क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों की गतिविधि काफी बढ़ गयी है. विगत एक दशक से यह क्षेत्र हाथियों की बढ़ती आवाजाही का केंद्र बना हुआ है. पहले जहां सरायकेला और खरसावां वन क्षेत्र में हाथी कभी-कभार ही दिखायी देते थे, वहीं अब चांडिल क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक जंगली हाथी अलग-अलग इलाकों में विचरण कर रहे हैं. इन हाथियों के कारण किसानों की जान-माल को नुकसान पहुंच रहा है. उनके चिंघाड़ने से पूरा क्षेत्र दहशत में है.
सरायकेला वन प्रमंडल में वर्ष 2008-09 में सर्वाधिक 7 हाथियों की हुई थी मौत
विभाग के अनुसार, सरायकेला वन प्रमंडल में पिछले 20 सालों में अलग-अलग कारणों से 50 से अधिक जंगली हाथियों की मौत हुई है. सरायकेला वन प्रमंडल में वर्ष 2004-05 से वर्ष 2014-15 तक कुल 37 हाथियों की मौत हुई थी. वर्ष 2012-2013, 2015-16 व 2016-17 में जिले में एक भी हाथी की मौत नहीं हुई थी. सरायकेला वन प्रमंडल में वर्ष 2004-05 में चार, 2005-06 में पांच, 2006-07 में दो, 2007-08 में छह, 2008-09 में सात, 2009-10 में चार, 2010-11 में तीन, 2011-12 में चार, 2013-14 व 2014-15 में एक-एक हाथी की मौत हुई है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










