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Saraikela Kharsawan News : झिमड़ी घटना के 12 दिन बाद प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ बैठक की, दिया आश्वासन

Updated at : 07 May 2025 11:25 PM (IST)
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Saraikela Kharsawan News : झिमड़ी घटना के 12 दिन बाद प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ बैठक की, दिया आश्वासन

झिमड़ी घटना के 12 दिन बाद प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ बैठक की, दिया आश्वासन

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चांडिल.

नीमडीह प्रखंड के झिमड़ी गांव में 26 अप्रैल को दो समुदायों के बीच हुए तनाव के 12 दिन बाद भी गांव में धारा 163 लागू है. गांव के अधिकतर पुरुष फरार हैं. सिर्फ महिलाएं ही नजर आ रही हैं. सब्जी के लिए मशहूर झिमड़ी बाजार की दुकानें बंद पडी हैं. गांव में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रशासन प्रयासरत है. बुधवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार एस अभिनव व अंचलाधिकारी अभिषेक कुमार ने ग्रामीणों के साथ बैठक की. बैठक में कम ग्रामीण पहुंचे. ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीण भी चाहते हैं कि यहां शांति-व्यवस्था कायम रहे. ग्रामीणों ने कहा कि कई निर्दोष लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उसे अविलंब हटाया जाय. निर्दोष लोगों पर प्रशासन कारवाई न करे.

महिलाओं ने कहा- जो गांव में नही थे, उन पर भी मामला दर्ज किया गया : बैठक में ग्रामीण महिलाओ ने कहा कि कई निर्दोष महिलाओं पर भी मामला दर्ज किया गया है. उस दिन जो गांव में नहीं थे, उन पर भी मामला दर्ज किया गया है. एक महिला ने बताया कि उस दिन उसका परिवार शादी में बाहर गये थे, फिर भी पति के नाम पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है.

पहले जैसी स्थिति बनाने में सहयोग करें : बीडीओ :बीडीओ कुमार एस अभिवन ने कहा कि गांव की स्थिति सामान्य बनाने में ग्रामीण सहयोग करें. गांव में पहले जैसा भाईचारा कायम हो. बीडीओ ने कहा कि धीरे धीरे स्थिति सामान्य हो रही है. दुकान भी खुल रही है, हाट बाजार भी खुल रहे हैं. पहले की तरह झिमड़ी गांव को बनाने का प्रयास किया जा रहा है. ग्रामीण के ऊपर से डर हटाने का प्रयास किया जा रहा है. निर्दोष लोगों पर कारवाई नहीं होगी, जो समाज की शांति भंग करेगा, वैसे लोगों पर कारवाई की जायेगी.

नीमडीह थाना में पदस्थापित एएसआई के फोन की हो जांच: ग्रामीणों ने नीमडीह थाना में पदस्थापित मो रहमान के फोन व टैब की जांच करने की मांग की. पंचायत समिति सदस्य पद्मलोचन महतो ने एएसआइ पर पक्षपात करने का आरोप लगाया. कहा कि गांव के निर्दोष लोगों को फंसाने में उनकी भी भूमिका है. उन्होंने पीड़ित लड़की के परिवार के बारे में कहा कि लड़की वापस घर आये, उसका समाज में स्वागत है. वह धर्म परिवर्तन नहीं करें. अगर वैसा करती है तो समाज इस पर निर्णय लेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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