Seraikela kharsawan News : स्कूल तक कीचड़ भरे रास्ते से गुजरते हैं बच्चे
Edited by AKASH
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सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड स्थित रामगढ़ गांव टोला रसकाडीह के बच्चे बारिश के मौसम में कीचड़मय पगडंडियों से गुजर कर स्कूल पहुंचते हैं.
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चांडिल/खरसावां.
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड स्थित रामगढ़ गांव टोला रसकाडीह के बच्चे बारिश के मौसम में कीचड़मय पगडंडियों से गुजर कर स्कूल पहुंचते हैं. दरअसल, रसकाडीह टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय तक जाने के लिये पक्की सड़क नहीं है. इस कारण छोटे-छोटे बच्चे कीचड़ से भरी पगडंडियों से होकर स्कूल पहुंचते है. शिक्षा सशक्त समाज की नींव मानी जाती है, लेकिन नींव तक पहुंचने का रास्ता ही कीचड़ में डूबा हो, तो प्रगति की बात करना बेइमानी होगा. इस वर्ष लगातार बारिश से बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कंधे पर भारी भरकम बैग लिये स्कूल जाने व लौटने के दौरान कई बार बच्चे कीचड़नुमा सड़क पर फिसल कर गिर भी जाते हैं. स्थानीय लोगों ने सरकार से पीसीसी सड़क बनवाने की मांग की है. इस स्कूल में कक्षा एक से लेकर पांच तक की पढ़ाई होती है.पक्की सड़क का ग्रामीणों को वर्षों से इंतजार
रसकाडीह के ग्रामीण पक्की सड़क के लिए वर्षो से इंतजार कर रहे हैं. इसे लेकर सांसद, विधायक या प्रशासन किसी ने कोई पहल नहीं की है. ग्रामीणों ने बताया कि बीते चार माह से लगातार बारिश हो रही है. स्कूल जाने के लिये बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी काफी परेशानी हो रही हैं. स्कूल तक जाने के लिये करीब 1000 -1500 फीट की पक्की सड़क बन जाने से काफी सहूलियत होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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