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मरीज स्ट्रेचर व कुर्सी पर इलाज करने को हैं मजबूर

Updated at : 21 Aug 2024 12:03 AM (IST)
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मरीज स्ट्रेचर व कुर्सी पर इलाज करने को हैं मजबूर

डायरिया व वायरल फीवर का खतरा बढ़ा, सदर अस्पताल के सभी बेड फुल

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साहिबगंज. सदर अस्पताल में दो-तीन दिनों से मरीजों का दबाव काफी बढ़ गया है. सदर अस्पताल का सामान्य पुरुष व महिला वार्ड सहित बर्न वार्ड का सभी बेड मरीजों से भरा पड़ा है. मंगलवार को सदर अस्पताल में मरीज के परिजन बेड के लिए भटकते दिखे. इस संबंध में सदर अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि सभी वार्ड का बेड मरीजों से भरा पड़ा है. मरीज कहते हैं कि कुर्सी पर ही ब्लड या स्लाइन चढ़ा दिजिए. आखिर हम कर्मचारी क्या करें. वही एक चिकित्सक ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव व गंगा में पानी बढ़ने के कारण कै- दस्त के अलावा डायरिया पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है. मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण बर्न वार्ड का दो बेड वाला एसी कमरा में भी शिफ्ट किया गया. फिर भी बेड नहीं मिलने के कारण मजबूरी में मरीज तीन सीटर कुर्सी में लेट कर स्लाइन चढ़ावाया. वहीं एक छोटे बच्चे को लेकर इलाज के लिए पहुंची महिला स्ट्रेचर पर ही अपने बच्चे को लेटाकर इलाज करायी. पूछे जाने पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रंजन कुमार ने बताया कि अस्पताल मैनेजर जयराम यादव को मरीजों की संख्या में वृद्धि के कारण सदर अस्पताल में अतिरिक्त बेड लगाने का निर्देश दिया गया है. बताया कि कै-दस्त व डायरिया के मरीजों की संख्या में हो रही वृद्धि के कारण अस्पताल मरीजों से भरा पड़ा है. इलाज के लिए आए सभी मरीजों को अस्पताल में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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