बोरियो की सवा लाख की आबादी चार आयुष चिकित्सक के भरोसे

Updated at : 13 Sep 2024 11:33 PM (IST)
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बोरियो की सवा लाख की आबादी चार आयुष चिकित्सक के भरोसे

अस्पताल में नहीं है अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था

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बोरियो. स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने में सूबे की सरकार करोड़ों चर्च करती है. ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जा सके. पर स्थिति जस की तस बनी हुई है. कही संसाधन तो कही कर्मियों की कमी से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है. प्रखंड के आदिवासी बाहुल्य इलाका है. प्रखंड की कुल आबादी सवा लाख से अधिक है. इतनी बड़ी आबादी के बीच एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुल 7 चिकित्सक है, जिसमें से तीन चिकित्सकों को सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त किया गया है. हालांकि चार आयुष चिकित्सक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत है. ऐसे में क्षेत्र सवा लाख आबादी आयुष चिकित्सक के भरोसे है. इतनी बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना आयुष चिकित्सकों के कंधों पर जिम्मेदारी है. स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की कमी से बोरियो के लोगों को वर्षों से परेशानी उठानी पड़ रही है. महिला चिकित्सक नहीं होने से इलाज के लिए साहिबगंज या अन्य शहरों में जाना पड़ता है. जबकि स्वास्थ्य केंद्र में महिला चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति की मांग बोरियो में कई बार उठी है. पर अब तक आला अधिकारियों की ओर से प्रकार की कोई पहल नहीं हुई है. सप्ताह में मंगल और शनि को ही होता है एक्स-रे सीएचसी में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को एक्स-रे किया जाता है. सदर अस्पताल के एक्स-रे टेक्नीशियन को बोरियो सीएचसी में सप्ताह में दो दिन के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है. स्थानीय लोगों ने प्रत्येक दिन एक्स-रे करने की व्यवस्था हो, इसके लिए कई बार मांग की है. चूंकि, सीएचसी में प्रत्येक दिन एक्सरे की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को 30 किमी दूर साहिबगंज जाना पड़ता है. स्वास्थ्य केंद्र में एसआरएल लैब नहीं, परेशानी स्वास्थ्य केंद्र में एसआरएल लैब की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्वास्थ्य केंद्र में करीब साढ़े तीन वर्ष तक एसआरएल का ब्लड कलेक्शन यूनिट का संचालन किया गया. वहीं, वर्ष 2022 में स्वास्थ्य केंद्र से कलेक्शन यूनिट को बंद कर दिया गया, जिससे लोगों को परेशानी होती है. एसआरएल का लाभ सबसे अधिक गरीबों को मिल रहा था. राशन कार्डधारकों के लिए कई प्रकार की जांच नि:शुल्क एवं तय दर में भी छूट की व्यवस्था थी. अल्ट्रासाउंड के लिए लोगों को जिला मुख्यालय या अन्य जिलों में जाना पड़ता है. बोरियो जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है. पर स्वास्थ्य केंद्र में समुचित व्यवस्था नहीं है. केंद्र में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था होने से बोरियो प्रखंड के लोगों को इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. खासकर गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल पाती. केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि कई अन्य रोगियों को भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलता. सड़क दुर्घटना में हो रही मौतों को रोकने के ट्रामा सेंटर जरूरी बोरियो थाना क्षेत्र में आये दिन सड़क दुर्घटनाएं देखने को मिलता है. यहां सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती है. अब तक सैकड़ो लोग सड़क दुर्घटना में अपनी जान गवां चुके हैं. मौत का सबसे बड़ा कारण उपचार में देरी है. ऐसे में बोरियो में ट्रामा सेंटर और एक सर्जन होने से आपातकालीन स्थिति में भी जिंदगी बचायी जा सकती है. बीते पांच वर्षों में बोरियो में हुई सड़क दुर्घटनाओं में मौत के आंकड़े सौ से अधिक है. क्या कहते हैं पदाधिकारी सीएचसी में पर्याप्त संसाधन नहीं है. चिकित्सकों की भी कमी है. जिले में चिकित्सकों की कमी के कारण एक चिकित्सक कई जगह प्रतिनियुक्त है. सीएचसी में लैब, अल्ट्रासाउंड, महिला चिकित्सक और ट्रामा सेंटर की अगर व्यवस्था हो तो बोरियो के लोगो को काफी लाभ पहुंचेगा. – डॉ सलखू चंद्र हांसदा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बोरियो, साहिबगंज

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