एडीजे तृतीय कोर्ट ने पांच आरोपियों को सुनाया उम्रकैद का फैसला

Updated at : 25 Aug 2024 12:03 AM (IST)
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एडीजे तृतीय कोर्ट ने पांच आरोपियों को सुनाया उम्रकैद का फैसला

बोरियाे संथाली के बस स्टैंड किरानी की गला घोट कर हत्या करने का मामला

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साहिबगंज. बोरियो थाना अंतर्गत बोरियाे संथाली के बस स्टैंड किरानी शंभू यादव की गला घोट कर हत्या कर उसकी लाश को एनटीपीसी ट्रैक पर रखने के मामले में शनिवार को एडीजे तृतीय शेखर कुमार ने बोरियो थाने में बोरिया संथाली व गौरीपुर के आरोपी मनोज यादव, अनिल यादव, जीतू यादव, संतोष शाह व जीतू पंडित उर्फ जीतू गोस्वामी को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनायी है. सभी पर 10-10000 रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. बोरिया संथाली की मृतक शंभू यादव की मां समा देवी ने आठ अक्तूबर 2018 को सभी के विरुद्ध पुत्र शंभू यादव की गला घोट कर उसके शरीर को एनटीपीसी ट्रैक पर रखने को लेकर प्राथमिक की दर्ज करायी थी. समा देवी ने बताया था कि उसका पुत्र शंभू यादव सात अक्तूबर को संध्या 4:00 बजे बस स्टैंड से कुछ मित्रों के साथ मोर्चा स्थान बरमसिया के निकट पूजा व के लिए गया था. वहां पांचों अभियुक्त खाना पीना खाकर उसके पुत्र शंभू यादव के साथ मारपीट कर बाया हाथ का कलाई तोड़ दिया. गला दबाकर हत्या कर उसके सब को एनटीपीसी रेल ट्रैक के बीचों-बीच रख दिया था. इस कारण रात में ट्रेन गुजरने से उसके पुत्र का पेट के बीचोंबीच शरीर का दो टुकड़ा हो गया था. सूचक ने मृतक पुत्र के मोबाइल पर संपर्क करना चाहिए, तो उसे अपने पुत्र के मोबाइल से संपर्क नहीं हो पाया. सूचक को 8 अक्तूबर 2018 को समय करीब दोपहर 2 बजे ग्रामीणों से पता चला कि उसके पुत्र शंभू यादव का शव मोर्चा स्थान एनटीपीसी ट्रैक पर दो हिस्सों में पड़ा है. सुमा देवी ने अपने प्राथमिक की में दावा किया है कि उपरोक्त अभियुक्तों ने ही उसके पुत्र शंभू यादव हत्या की गला घोट कर हत्या कर शव को ट्रैक पर रख दिया था. इस कारण रात में ट्रैक पर ट्रेन गुजरने से उसका शरीर दो हिस्सों में कट गया था. ग्रामीणों से सूचना मिली थी. अभियोजन पक्ष के लोक अभियोजक आनंद कुमार चौबे ने गवाहों का परीक्षण कराया. बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने गवाहों का प्रति परीक्षण किया है. सूचक के अधिवक्ता सुनील कुमार ने भी न्यायिक कार्य में सहयोग दिया है. तमाम गवाह एवं सबूत को देखने के बाद कोर्ट ने पांचों को उम्रकैद की सजा. 10-10 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह महीना अतिरिक्त सजा सुनायी है.

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