RIMS में विभागाध्यक्षों के रोटेशन पर ब्रेक, 60 डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री और सचिव को लिखा पत्र

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रिम्स अस्पताल का भवन

रिम्स में विभागाध्यक्षों के रोटेशन की प्रक्रिया पर अचानक रोक लगा दी गई है, जिससे 60 डॉक्टर नाराज हैं. उन्होंने इस फैसले के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री और सचिव को पत्र लिखा है. इस मामले में एनएमसी गाइडलाइन और कोर्ट के निर्देशों का भी हवाला दिया गया है.

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रांचीः रिम्स में विभागाध्यक्ष की रोटेशन प्रक्रिया पर अचानक रोक लगा दी गई है. हालांकि रोटेशन प्रक्रिया पर रिम्स शासी परिषद की 52वीं बैठक में फैसला लिया गया था. यह बैठक 11 अक्तूबर 2021 को हुई थी. रोटेशन प्रक्रिया में तीन-तीन साल के बाद विभागाध्यक्ष का रोटेशन होना था. एनएमसी की गाइडलाइन में भी इसका स्पष्ट उल्लेख है कि विभागाध्यक्ष में रोटेशन प्रक्रिया का पालन करना है. इसी आधार पर वर्ष 2021 से विभागों में रोटेशन पर विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई थी.

प्रोफेसरों की बारी आते ही रोटेशन पर लगी रोक

जानकार बताते हैं कि अब जब प्रोफेसर पद पर सेवा दे रहे अन्य डॉक्टरों के विभागाध्यक्ष बनने की बारी आई तो इस नियम पर अचानक रोक लगा दी गई है. रिम्स के 60 डॉक्टरों ने रोटेशन प्रक्रिया पर रोक लगाने का विरोध किया है. इसे लेकर उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी और स्वास्थ्य सचिव डॉ अजय कुमार सिंह को पत्र भी लिखा है. पत्र में एनएमसी और रिम्स जीबी के फैसले का उल्लेख किया गया है. सूत्रों ने बताया कि रोटेशन प्रक्रिया पर हाइकोर्ट का निर्देश भी वर्ष 2022 में आया था, इसलिए इसे तत्काल लागू किया जाए.

सीनियर डॉक्टरों ने जतायी थी आपत्ति

सूत्र बताते हैं कि विभागाध्यक्ष के रोटेशन की प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश हाल ही में हुई 65वीं जीबी बैठक में लिया गया है. रिम्स के सीनियर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर बताया था कि वह जूनियर के नीचे काम करने में असहज होंगे. इसके बाद रोटेशन पर विभागाध्यक्ष की अधिसूचना जारी नहीं करने का निर्देश रिम्स प्रबंधन को दिया गया है.

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अर्चना कुजूर

लेखक के बारे में

By अर्चना कुजूर

अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.

झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.

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