JPSC Student Protest: छात्रों से बातचीत करने के लिए कैसे तैयार हुई सरकार? जानें 14वें दिन कैसे खुला रास्ता

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रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में छात्र प्रतिनिधि के साथ बात करते सरकार के मंत्री. फोटो: प्रभात खबर

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झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में 14 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता साफ हो गया है. जानें कैसे हुआ यह संभव और किन मांगों पर हुई चर्चा.

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JPSC Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में 14 दिन से चल रहे छात्र आंदोलन में सरकार के बीच बातचीत का रास्ता खुल गया. सरकार की आपत्ति के बाद बातचीत के लिए छात्रों द्वारा बनायी गयी 11 सदस्यीय कमेटी से तीन गैर छात्रों को हटाया दिया गया. इसके बाद सरकार की ओर से भी कोई देरी नहीं हुई और करीब 7.50 बजे बातचीत शुरू हुई. सरकार ने छात्रों की मांग और उनकी समस्या सुनी. सबसे बड़ी बात यह है कि छात्रों के इस आंदोलन के बीच सरकार और सरकार दोनों ओर से संयम का परिचय दिया गया. न छात्र उग्र हुए और न ही सरकार की ओर से कोई सख्ती बरती गई.

सरकार ने बनाई चार मंत्रियों की टीम

सरकार की ओर से बातचीत के लिए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री चमरा लिंडा और मंत्री संजय प्रसाद यादव की टीम पहले ही बनाई जा चुकी थी, जो शुक्रवार की शाम को मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे. रांची के सदर एसडीओ कुमार रजत छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर स्टेट गेस्ट हाउस आये थे.

सरकार-छात्रों के बीच चली बातों की रस्साकशी

सरकार और छात्रों के बीच लंबी बातचीत हुई. सभी मंत्रियों ने एक-एक मांगों पर विस्तार से चर्चा की. छात्रों की ओर से कहा गया कि 14वीं जेपीएससी की परीक्षा में कदाचार के मामले सामने आये हैं. इसे तत्काल पीटी का परीक्षाफल रद्द करे. इसके अलावा दूसरी परीक्षाएं जिसमें अनियमितता की बात आयी है, उसे रद्द करें. सरकार की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सीआइडी पूरी कड़ाई और निष्पक्षता के साथ जांच कर रही है. कई लोगों को जेल भेजा गया है. छात्र अपना आंदोलन वापस लें. सरकार मांगों को लेकर संवेदनशील है. सरकार के साथ बातचीत में छात्रों 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में रवींद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार, अंकित कुमार शामिल हैं.

14वें दिन कैसे खुला बातचीत का रास्ता

  • छात्रों से बातचीत के लिए सरकार की हाई-पावर कमेटी: मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री संजय प्रसाद यादव
  • छात्रों के डेलिगेटस में ये शामिल : रवींद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार, अंकित कुमार.
  • सरकार की आपत्ति के बाद छात्रों ने वार्ता के लिए 10 डेलीगेटस तय किये, सरकार ने सुनी छात्रों की बात
  • पहले छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया था, सरकार ने तीन गैर छात्र प्रतिनिधि पर आपत्ति जतायी
  • इसके बाद छात्रों को प्रशासन के स्तर से नये प्रतिनिधिमंडल के लिए छात्रों को तैयार किया गया
  • सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार आंदोलन में बैठे छात्रों से बात कर सहमति बनायी
  • छात्रों में भी प्रतिनिधिमंडल को लेकर गतिरोध था, कुछ छात्र नेताओं ने अलग से बैठक कर नाम तय किये
  • छात्रों ने बातचीत के लिए टीम बनायी, सरकार ने भी तेजी दिखायी

टाइम लाइन

  • शाम के 5.00 बजे: छात्रों ने जिला प्रशासन को टीम की नयी घोषणा की जानकारी दी
  • शाम 6.00 बजे तक: सरकार बातचीत के लिए आगे बढ़ी.
  • शाम के 7.23 बजे: सारे मंत्री बातचीत के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच गये
  • शाम के 7.45 बजे: एसडीओ छात्र को लेकर स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे
  • शाम के 7.50 बजे: छात्रों व सरकार के बीच बंद कमरे में बातचीत शुरू


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