Chatra: ब्रजेश गंझू की मौत के बाद चतरा के लूटूं और सोहावन गांव में नहीं मना करमा, तीन दिनों से पसरा है मातम

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टीएसपीसी के दिवंगत सुप्रीमो ब्रजेश गंझू. फाइल फोटो.

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TSPC सुप्रीमो ब्रजेश गंझू की मौत से चतरा के लूटूं और सोहावन गांव में मातम छाया है. करमा पर्व नहीं मनाया गया, ग्रामीण शोक में डूबे हैं.

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Chatra: टीएसपीसी के सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोगता की मौत के बाद चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र के दो गांव लूटूं और सोहावन गांव में गम का माहौल बना हुआ है. मंगलवार को दोनों गांवों में करमा पर्व नहीं मनाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से दोनों गांव शोक में डूबे हैं और इस दौरान दो दिनों तक कई घरों में चूल्हा भी नहीं जला.

करमा पर्व की खुशियां मातम में बदली

ग्रामीणों के अनुसार, हर साल करमा पर्व के दौरान पूरे इलाके में उत्साह का माहौल रहता था, लेकिन इस बार ब्रजेश गंझु की मौत के बाद लोगों ने पर्व नहीं मनाने का फैसला किया. कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने घटना के विरोध में भोजन तक नहीं किया और गांव में शोक का माहौल बना रहा.

ग्रामीणों ने बताई अलग पहचान

स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही ब्रजेश गंझु टीएसपीसी के सुप्रीमो थे, लेकिन गांव और प्रखंड स्तर पर कई लोग उन्हें एक साधारण व्यक्ति के रूप में जानते थे. ग्रामीणों के मुताबिक इसी वजह से उनकी मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है.

मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

ब्रजेश गंझु की वृद्ध मां टुकनी देवी और पत्नी उषा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों के मुताबिक दोनों लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं. उषा देवी ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को पुलिस ने पकड़ने के बाद मार दिया. उन्होंने कहा कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगी और न्यायालय के साथ-साथ मानवाधिकार संस्थाओं से भी न्याय की गुहार लगाएंगी.

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एटीएस ने मुठभेड़ में मार गिराने का किया था दावा

तीन दिन पहले उत्तर प्रदेश के रामनगर थाना क्षेत्र में एटीएस ने ब्रजेश गंझू को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था. वहीं, इस कार्रवाई को लेकर परिजनों ने अलग आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है. इस घटना के बाद लावालौंग क्षेत्र के इन दोनों गांवों में सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित दिखाई दे रही हैं और लोग अब मामले की आगे की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं.

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