1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. womens day 2021 success story of women of jharkhand rights gained voice of the underprivileged srn

Womens Day 2021 : झारखंड की महिलाओं की सफलता की कहानी, इन्हें अधिकार मिला, तो बनीं वंचितों की आवाज

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
International Women's Day, Essay, Speech, Bhashan, Lekh, Mahila Diwas, Importance, 08 March 2021
International Women's Day, Essay, Speech, Bhashan, Lekh, Mahila Diwas, Importance, 08 March 2021
Prabhat Khabar Graphics

Jharkhand News, Womens Day Special, Womens Day In Jharkhand मेदिनीनगर/गुमला/उरीमारी/कोडरमा. : संविधान ने अधिकार दिया, तो महिलाओं ने भी चौखट से बाहर कदम रखा. आज ये महिलाएं अपनी और अपने परिवार की जिंदगी संवार रही हैं. साथ ही गांव-देहात में विकास के सपनों में रंग भी भर रही हैं. पंचायती राज में 50 प्रतिशत सीटों पर आरक्षण मिलने के बाद महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में विकास को समझ और परख रहीं हैं. विकास का खाका बना रही हैं. समाज के वंचित लोगों की आवाज बन रहीं हैं. उनके अधिकारों के लिए व्यवस्था में जगह बना रही हैं. राज्य में सैकड़ों महिलाएं मुखिया, वार्ड पार्षद, नगर पंचायत व नगर निगम में जीत कर आयीं हैं. महिला दिवस पर ऐसी ही महिला जनप्रतिनिधियों के अभिनव प्रयोग पर प्रस्तुत है प्रभात खबर की यह खास रिपोर्ट.

सरिता देवी : टाना भगतों को बागवानी से जोड़ा

मे दिनीनगर के पाटन प्रखंड की नावाखास पंचायत की मुखिया सरिता देवी अपनी पंचायत को आदर्श पंचायत बनाने में जुटी हैं. पोखरिया गांव में 20 टाना भगतों का घर है. सरिता देवी ने इन परिवारों की महिलाओं को बागवानी मिशन से जोड़ा है. उन्होंने गांव में सात एकड़ में आम की बागवानी शुरू करायी, जिससे न सिर्फ हरियाली लौटी बल्कि रोजगार का भी सृजन हो रहा है. सरिता कहती हैं : हमें अपना कर्तव्य ईमानदारी से निभाना चाहिए.

सरोज उरांव : अंधविश्वास के खिलाफ शुरू की जंग

गुमला प्रखंड की खोरा पंचायत की मुखिया सरोज उरांव बीएड करने के बाद से ही समाज सेवा में जुट गयी थीं. मुखिया बनने के बाद उन्होंने पंचायत के विकास के साथ अंधविश्वास, डायन-बिसाही, बाल-विवाह, घरेलू प्रताड़ना जैसी कुरीतियों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया. पक्की सड़कें और शौचालय निर्माण के अलावा कई गांवों में सोलर युक्त जलमीनार भी बनवा कर जल संकट दूर किया. लोग भी इनकी सराहना करते हैं.

पारो देवी : दर्जनों महिलाओं को रोजगार से जोड़ा

पोटंगा पंचायत (रामगढ़)की मुखिया पारो देवी दर्जनों महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ चुकी हैं. इन महिलाओं को सिलाई मशीन दी है. साबुन, अगरबत्ती, मोमबत्ती, अचार, पापड़ बनाने और मशरूम उगाने का प्रशिक्षण देकर इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया. पारो देवी ने कहा : सरकारी स्तर पर प्रशिक्षण व पूंजी की व्यवस्था कर इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हूं. सीसीएल प्रबंधन का भी सहयोग मिल रहा है.

अजमेरी खातून : घर की दहलीज लांघ किया विकास

अजमेरी खातून जयनगर (कोडरमा) पूर्वी पंचायत की मुखिया हैं. इन्होंने दो आंगनबाड़ी केंद्र, सोलर लाइट और इलेक्ट्रिक लाइट लगवाना, नाली का निर्माण कराना इनकी उपलब्धि में शामिल है. वहीं पंचायत भवन का सौंदर्यीकरण और शौचालय का निर्माण कराया. स्वच्छता अभियान चलाना, हर चौक पर डस्टबीन लगाना इनके स्वच्छता प्रेमी होने की पहचान है. पंचायत में पेयजलापूर्ति की समुचित व्यवस्था की.

Posted By : Sameer Oraon

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें