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UPSC Result : पांचवीं क्लास में फेल हुए साहिबगंज के शशांक ने सिविल सेवा में मारी बाजी, जानिए झारखंड के टॉपरों की पूरी कहानी

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने पर शशांक शेखर को मिठाई खिलाती मां गीता शर्मा.
Jharkhand news : सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने पर शशांक शेखर को मिठाई खिलाती मां गीता शर्मा.
प्रभात खबर.

UPSC Civil Services Examination 2019 result : रांची : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा, 2019 का परिणाम मंगलवार (4 अगस्त, 2020) को आ गया है. झारखंड के परीक्षार्थियों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया. देवघर के रवि जैन ने पूरे देश में 9वां रैंक प्राप्त किया. वहीं राज्य के 3 आदिवासी युवाओं ने भी सफलता प्राप्त की है. यहां पढ़ें सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में सफल प्रतिभागियों की पूरी कहानी.

Jharkhnd news : सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में देश में 9वां रैंक प्राप्त करने वाले देवघर के रवि जैन (बायें) और रांची की अनुपमा सिंह ने 90वां रैंक प्राप्त किया (दायें).
Jharkhnd news : सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में देश में 9वां रैंक प्राप्त करने वाले देवघर के रवि जैन (बायें) और रांची की अनुपमा सिंह ने 90वां रैंक प्राप्त किया (दायें).
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सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में देवघर के रवि जैन ने देश में 9वां रैंक प्राप्त किया. वहीं, हजारीबाग के दीपांकर चौधरी को 42वां रैंक, हजारीबाग के ही प्रियंक किशोर को 61वां रैंक, गढ़वा शहर के सहिजना टी निवासी शिवेंदु भूषण ने सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में 83वां रैंक प्राप्त किया है. इसके अलावा रांची स्थित खेलगांव निवासी अनुपमा सिंह को 90वां रैंक, साहिबगंज के शशांक शेखर को 400वां रैंक, खूंटी की रीना हांसदा को 430वां रैंक, रांची की ही डॉ आकांक्षा खलखो को पहले प्रयास में ही 467वां रैंक, चाईबासा के अभिनव को 472वां रैंक और गोड्डा के कुमार सत्यम को 696वां रैंक मिला है.

एक बार पांचवीं में फेल हुए थे शशांक

साहिबगंज के लाल शशांक शेखर ने अपना कमाल दिखाया है. शहर के हबीबपुर निवासी शशांक ने चौथे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में 400वां रैंक हासिल किया है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कनीय अभियंता रहे विश्वनाथ शर्मा के पुत्र शशांक ने संत जेवियर्स स्कूल से 2007 में 10 वीं, 2009 में 12वीं के बाद आईआईटी खड़गपुर से बीटेक व एमटेक एवं आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए किया है.

शशांक ने बताया कि अगस्त 2015 में उनके पिता का देहांत हो गया. उनके पिता चाहते थे कि शशांक आईएएस बने. पिता के देहांत के बाद उनकी मां गीता शर्मा ने पुत्र को पिता के सपनों को पूरा करने का संबल दिया. शशांक ने बताया कि 5वीं कक्षा में एक बार फेल हुए थे, लेकिन फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखा.

एमबीए के दौरान पिता के निधन ने उन्हें विचलित कर दिया था. लेकिन उन्हें पिता के सपनों को साकार करना था. मां से मिले हौसले के बाद शशांक लगातार सिविल सर्विसेज की परीक्षा देते रहे. आखिरकार उन्हें चौथी बार सफलता हासिल हुई. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि परेशानियों के बीच ही कामयाबी का रास्ता निकलता है. बस इस दौरान धैर्य बनाये रखने की जरूरत है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मां, पिता, भाई, शिक्षकों एवं दोस्तों को दिया है. शेखर कके तीन भाई हैं. बड़े भाई शिखर कुमार इंफोसिस कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि छोटा भाई मयंक शेखर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कार्यरत हैं.

Jharkhnd news : सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में सफल रांची की डॉ आकांक्षा शिक्षा खलखो (बायें) और रोबिनसन गुड़िया (बीच में) और खूंटी की रीना हांसदा (दायें).
Jharkhnd news : सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में सफल रांची की डॉ आकांक्षा शिक्षा खलखो (बायें) और रोबिनसन गुड़िया (बीच में) और खूंटी की रीना हांसदा (दायें).
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झारखंड के 3 आदिवासी युवाओं को मिली सफलता

सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में झारखंड के 3 आदिवासी युवाओं को भी सफलता मिली है. इसमें दो महिला और एक पुरुष हैं. इसमें रांची के लोआडीह निवासी डॉ रोजलीनऔर डॉ विपिन खलखो की पुत्री डॉ आकांक्षा शिक्षा खलखो के अलावा रीना हांसदा और रोबिनसन गुड़िया ने सफलता अर्जित की है. तीनों आदिवासी युवाओं के इस सफलता पर सभी ने बधाई दी है.

खूंटी की बेटी रीना हांसदा को मिला 430वां रैंक

खूंटी की आदिवासी बेटी रीना हांसदा ने यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण होकर जिले का नाम रोशन की है. खूंटी की तोरपा रोड स्थित प्रेम नगर निवासी रीना हांसदा ने यूपीएससी की परीक्षा में 430वां रैंक हासिल की है. उसे पूरी उम्मीद है कि उसे प्रशासनिक पद मिलेगा. वह फिलहाल जेएनयू में पीएचडी की छात्रा है. प्रभात खबर से बात करते उन्होंने बताया कि वह पूर्व में 2 बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी, लेकिन दोनों बार पीटी पास नहीं कर सकी. इसके बाद तैयारी का पूरा तरीका ही बदल दिया. अधिक से अधिक रिवीजन करने लगी. तीसरी बार के प्रयास में उसने पीटी उत्तीर्ण कर ली. इसके बाद मेंस भी आसानी से उत्तीर्ण हो गयी. इंटरव्यू में उसके पसंद के विषयों पर सवाल पूछे गये, जिसे वह आसानी से उत्तर दिया. उसी समय से उसे विश्वास हो गया कि बेहतर रैंक मिलेगा.

रीना ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी में उसके परिवार ने काफी सहयोग किया. उसके पिता एंथोनी हांसदा ग्रामीण बैंक में मैनेजर के पद से रिटायर हुए हैं. वहीं, मां बेरथा केरकेट्टा शिक्षिका रह चुकी है. रीना का भाई भी यूपीएससी की तैयारी कर रहा है. रीना ने अपनी स्कूली शिक्षा सेक्रेड हार्ट स्कूल हुलहुंडू से पूरी की है. उसने 2009 में मैट्रिक की परीक्षा पास की है. काॅलेज की पढ़ाई संत जेवियर काॅलेज से 2014 में पूरी की. पाॅलिटिकल साइंस में वह गोल्ड मेडल प्राप्त है. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए जेएनयू चली गयी.

Jharkhnd news : हजारीबाग के दीपांकर चौधरी को मिला 42वां रैंक (बायें) और प्रियांक किशोर को मिला 61वां रैंक (दायें).
Jharkhnd news : हजारीबाग के दीपांकर चौधरी को मिला 42वां रैंक (बायें) और प्रियांक किशोर को मिला 61वां रैंक (दायें).
प्रभात खबर.

हजारीबाग के दीपांकर चौधरी और प्रियांक किशोर

सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में हजारीबाग के दीपांकर चौधरी ने पूरे देश में 42वां रैंक प्राप्त किया है. वहीं, प्रियांक किशोर को 61वां रैंक मिला है. दीपांकर चौधरी कहते हैं कि दीपांकर कहते हैं कि आप सभी से प्रेरणा लें और शिक्षा प्राप्त करें. जो रोल मॉडल हैं उनसे बात करें, लेकिन आपकी सफलता की कहानी यूनिक होनी चाहिए. अपने बल पर अलग पहचान की सक्सेस स्टोरी कायम करें. दूसरी ओर, 61वां रैंक प्राप्त प्रियांक किशोर की इच्छा है कि आईएएस बन कर रोजगार और अर्थव्यवस्था सुधार के क्षेत्र में काम करें. वहीं, युवाओं को संदेश देते हुए कहते हैं कि किसी भी काम करने के लिए उसे ठानना जरूरी है. यह मत सोचें की लोग क्या कहेेंगे. उसकी चिंता किये बगैर मेहनत करते रहें. सोशल मीडिया, टीवी और सूचना तकनीकी के संसाधन का इस्तेमाल करें, लेकिन पढ़ाई के लक्ष्य को ध्यान में रखें.

Jharkhnd news : गढ़वा के शिवेंदु भूषण को मिला 83वां रैंक (बायें) और चाईबासा के अभिवन को मिला 472वां रैंक (दायें).
Jharkhnd news : गढ़वा के शिवेंदु भूषण को मिला 83वां रैंक (बायें) और चाईबासा के अभिवन को मिला 472वां रैंक (दायें).
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गढ़वा के शिवेंदु ने सुधारी अपनी रैंकिंग

गढ़वा शहर के सहिजना टी निवासी शैलेंद्र कुमार वर्मा का पुत्र शिवेंदु भूषण ने सिविल सेवा परीक्षा, 2019 में 83वां रैंक प्राप्त किया है. शिवेंदु वर्तमान में हैदराबाद स्थित आईपीएस प्रशिक्षण एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. सिविल सेवा परीक्षा, 2018 में शिवेंदु भूषण ने 120वां रैंक प्राप्त किया था. इसके आधार पर उनका आईपीएस में चयन हुआ था. शिवेंदु अपने इस परीक्षा परिणाम से अधिक खुश नहीं थे और उसी समय उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में दोबारा शामिल होने का निर्णय लिया था और मंगलवार को जारी सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में उन्हें 83वां रैंक प्राप्त हुआ है.

मंत्री ने शिवेंदु को दी बधाई

इधर, शिवेंदु के इस कामयाबी पर गढ़वा विधायक और झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर सहित शिवेंदु के परिजनों एवं मित्रों ने उन्हें बधाई दिया है. मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि शिवेंदु गढ़वा का गौरव है. उसकी कामयाबी पर गढ़वा सहित पूरे झारखंड को गर्व है. मंत्री ने शिवेंदु के उज्जवल भविष्य की कामना की है. पिछली बार शिवेंदु की कामयाबी पर मंत्री ने स्वागत करते हुए बधाई दिया था. बधाई देने वाले अन्य लोगों में आरके पब्लिक स्कूल के निदेशक अलखनाथ पांडेय, दिवाकर सिन्हा, सियाराम शरण वर्मा, वार्ड पार्षद रश्मि सिन्हा, जितेंद्र सिन्हा, प्रो उमेश सहाय, पिंटू सिन्हा, राजू सिन्हा, पंकज वर्मा, अनिता दत्त, नितेश सिन्हा, गौरव सिन्हा, अंकेश नारायण, अरुण सिन्हा, आलोक सिन्हा, अविनाश सिन्हा, अजीत सिन्हा, आनंद सिन्हा आदि का नाम शामिल हैं.

चाईबासा के अभिनव को मिला 472वां रैंक

पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत चाईबासा जिला परिषद परिसर में साइकिल की दुकान चलाने वाले राजकुमार गुप्ता और गृहणी माता प्रीति गुप्ता के पुत्र अभिनव ने सिविल सेवा परीक्षा में 472वां रैंक प्राप्त किया है. अभिनव यह सफलता एक मल्टी नेशनल बैंकिंग कंपनी में काम करते और यूपीएससी की तैयार करते प्राप्त की है. अभिनव की इच्छा है कि आईएएस अधिकारी के तौर पर देश के लिए सेवा करें.

Posted By : Samir Ranjan.

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