Corona Effect : विदेश यात्रा से लौटे थे दो प्रोफेसर, एक को कोरोना जांच के लिए रिम्स ले जाया गया, दूसरे घर में रहे

Author Pritish Sahay|Edited by Prabhat Khabar
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विदेश यात्रा से लौटे बिरसा कृषि विवि के दो प्रोफेसर में से एक प्रोफेसर डॉ वर्षा रानी को कोरोना वायरस की जांच के लिए द्वारा रिम्स ले जाया गया. वहीं, दूसरे प्रोफेसर डॉ परवेज आलम फिलहाल कांके रोड स्थित अपने घर में हैं.

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रांची/कांके : विदेश यात्रा से लौटे बिरसा कृषि विवि के दो प्रोफेसर में से एक प्रोफेसर डॉ वर्षा रानी को कोरोना वायरस की जांच के लिए गुरुवार को पुलिस व रिम्स प्रबंधन की मदद से काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस द्वारा रिम्स ले जाया गया. शाम में प्रोफेसर के ब्लड सैंपल जांच के लिए लिये गये हैं. वहीं, दूसरे प्रोफेसर डॉ परवेज आलम फिलहाल कांके रोड स्थित अपने घर में हैं.

विवि में पीबीजी विभाग में कार्यरत जूनियर साइंटिस्ट डॉ वर्षा रानी व एग्रोनॉमी के प्रोफेसर डॉ परवेज आलम नौ मार्च को दुबई और बांग्लादेश की यात्रा से रांची लौटे. इसके बाद नियमित रूप से अपने कार्यालय में काम भी किया. विदेश से लायी टॉफी भी अपने सहकर्मियों के बीच वितरित किया. इस बीच गुरुवार की दोपहर 12 बजे रिम्स का एक एंबुलेंस और कांके व गोंदा थाना पुलिस विवि परिसर पहुंची. डॉ वर्षा व डॉ परवेज को खोजने लगी. बताया जाता है कि पुलिस द्वारा खोजे जाने की भनक मिलते ही दोनों विवि कैंपस से निकल गये. शाम में पुलिस डॉ वर्षा के लक्ष्मणनगर स्थित निवास स्थान पर पहुंची अौर उन्हें रिम्स ले जाया गया. पुलिस ने डॉ परवेज को भी जांच के लिए रिम्स ले जाने की बात कही है.

तीन बजे ही पूरा कैंपस हो गया खाली: उधर, कैंपस में एंबुलेंस व पुलिस के पहुंचने की जानकारी मौजूद लोगों को मिली. इसके बाद यह बात फैली कि दोनों प्रोफेसर ने विदेश से लौैटने के बाद कोरोना वायरस की जांच नहीं करायी है, इसलिए उसे रिम्स ले जाया जा रहा है. साथ ही अफवाह भी फैली कि दो प्रोफेसर में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है. उन्हें रिम्स ले जाया जा रहा है. इसके बाद कर्मियों में हड़कंप मच गया. देखते ही देखते दोपहर बाद तीन बजे पूरा कैंपस खाली हो गया. बताया जाता है कि दोनों प्रोफेसर विदेश यात्रा से लौटने के बाद रिम्स में अपने ब्लड की जांच करायी थी.

जहां डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर उन्हें 15 दिनों तक घर में रहने की सलाह दी थी. लेकिन दोनों ने डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज किया और होली के बाद 12 मार्च से विवि में नियमित रूप से कार्य करने लगे. कक्षाएं भी लीं और लोगों के बीच चॉकलेट भी बांटा. इसी बीच खांसी की शिकायत होने पर डॉ वर्षा 18 मार्च को पुन: रिम्स पंहुचीं. जहां उन्हें ब्लड सैंपल देने को कहा गया, लेकिन वह बिना जांच कराये अस्पताल से सीधे घर आ गयीं. इसके बाद ही रिम्स प्रबंधन व जिला प्रशासन हरकत में आया.

जांच के लिए आज एमजीएम जायेगा सैंपल : बीएयू प्रोफेसर का ब्लड सैंपल शुक्रवार को जांच के लिए एमजीएम जमशेदपुर भेजा जायेगा. महिला प्रोफेसर को गुरुवार की शाम को रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया है. भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने महिला की जांच की है.

विदेश से लौटे मुकुल सिन्हा ने भी नहीं करायी जांच

दूसरी तरफ, विवि के निदेशक प्रशासन (स्थापना) मुकुल सिन्हा भी 16 मार्च को ऑस्ट्रेलिया से रांची लौटे हैं. उन्होंने भी अपने ब्लड की जांच नहीं करायी अौर न ही आइसोलेशन वार्ड जाना उचित नहीं समझा. वे विवि में अपने कार्यालय में आकर कार्य में लग गये. कर्मचारियों के दवाब देने पर उन्होंने भी जांच कराने की बात कहते हुए कार्यालय से चुपचाप निकल गये. डॉ वर्षा ने कहा है कि विदेश से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर जांच के दौरान निगेटिव मिला है. सिर्फ खांसी होने के कारण ही एहतियात के तौर पर रिम्स इलाज के लिए गयी थी.

सीएमअो ने रिम्स प्रबंधन को दिये आवश्यक निर्देश

डॉ वर्षा रानी के मामले पर सीएमअो नजर रख रहा है. सीएमओ ने रिम्स प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिये हैं. वहीं, डॉ वर्षा के लक्ष्मण नगर स्थित निवास स्थान पर दहशत का माहौल है. वहां के निवासी डरे व सहमे हैं और हर परिस्थिति पर नजर बनाये हुए हैं. डॉ वर्षा अविवाहित हैं अौर किराये के मकान में रह रही हैं. वह एक अन्य किरायेदार के यहां ही खाना-पीना कर रही हैं.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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