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डीजे संचालक हत्याकांड में और दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस को अभिषेक के भाई रोशन व दोस्त आयाम अनवर की है तलाश

Updated at : 31 May 2024 12:13 AM (IST)
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Birsa Munda

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गिरफ्तार प्रकाश कुमार बोकारो और देव कुमार लातेहार के रहनेवाले हैं. अभी तक राइफल नहीं हुई बरामद. डीजे हत्याकांड व मारपीट में अब तक 16 लोग हो चुके गिरफ्तार.

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रांची. एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल (चुटिया थाना क्षेत्र के कडरू मोड़ स्थित) में मारपीट और डीजे संदीप प्रमाणिक उर्फ सैंडी की गोली मारकर हत्या मामले में रांची पुलिस ने प्रकाश कुमार व उसके एक दोस्त देव कुमार को गिरफ्तार किया है. प्रकाश बोकारो का और देव लातेहार का रहनेवाला है. इनसे पूछताछ की जा रही है. वहीं, जिस राइफल से गोली मारकर संदीप की हत्या की गयी थी, उस राइफल को अभी तक पुलिस बरामद नहीं कर पायी है.

प्रकाश अभिषेक सिंह का दोस्त है. जबकि, देव प्रकाश का मित्र है. मारपीट की घटना में बदला लेने के लिए प्लान बनाने में दोनों ने अभिषेक को सहयोग किया था. अभिषेक सिंह ने ही राइफल से गोली मारकर बार के डीजे संचालक संदीप की हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस को अभिषेक के भाई रौशन सिंह और उसके एक अन्य दोस्त आयान अनवर की भी तलाश है. घटना के दिन आयान अनवर भी अभिषेक सिंह के साथ एक्सट्रीम बार में हुई मारपीट की घटना में शामिल था. जबकि डीजे संचालक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अभिषेक सिंह की राइफल छिपाने और उसे रांची से भगाने में रोशन ने अहम भूमिका निभायी है. पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आयी है कि डीजे की हत्या के बाद रौशन फोन के जरिये अभिषेक से संपर्क में था. पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आयी है कि अभिषेक व उसका भाई रौशन चार पहिया वाहन चोरी में शामिल थे. झारखंड से गाड़ी चोरी कर बिहार में और बिहार से गाड़ी चोरी कर यूपी में बेचने का काम करते थे. वाहन चोरी में वर्ष 2013 में रांची की सदर पुलिस ने अभिषेक को जेल भेजा था. जबकि वर्ष 2005 में अभिषेक के खिलाफ पटना में केस दर्ज हुआ था.

मामले में पुलिस ने डीजे संचालक की राइफल से गोली मारकर हत्या करने वाले अभिषेक सिंह उर्फ विक्की को बिहार के गया से और इसके दोस्त प्रतीक (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का मैनेजर) को रामगढ़ के बिजुलिया से गिरफ्तार किया था. जबकि अभिषेक के पिता अशोक सिंह को रांची के सेल सिटी स्थित किराये के घर से पकड़ा था. वहीं अभिषेक के दोस्तों समीरुद्दीन को मारपीट के बाद घटनास्थल से और मृत्युंजय कुमार यादव उर्फ मिथुन को खेलगांव थाना क्षेत्र के गाड़ी होटवार से गिरफ्तार किया था. जबकि मारपीट मामले में बार के मालिक उदय शंकर सिंह, लीज होल्डर विशाल सिंह सहित नौ लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

अभिषेक का दोनों आर्म्स लाइसेंस जांच में पाया गया फर्जी, अलग से होगा केस

एक्सट्रीम बार में घटना के बाद पुलिस ने अभिषेक सिंह के ठिकाने से दो आर्म्स लाइसेंस बरामद किया था. दोनों ही लाइसेंस असम से निर्गत थे. दोनों लाइसेंस का असम जाकर जांच में पाया गया कि दोनों ही फर्जी है. इसलिए अब इस मामले में रांची पुलिस अभिषेक सिंह के खिलाफ अलग से एक केस दर्ज करेगी. इससे पहले पुलिस ने रांची उपायुक्त के शस्त्र शाखा से मिलान करने पर पाया गया था कि लाइसेंस का इंट्री नहीं था. नियमानुसार लाइसेंसधारी को इंट्री कराना आवश्यक होता है. लोकसभा चुनाव के पहले प्रशासन ने हथियार जमा करने का आदेश दिया था. लेकिन अभिषेक सिंह ने हथियार जमा नहीं किया था. न हीं संबंधित थाने में हथियार का सत्यापन ही कराया था. कोई जानकारी भी थाना को नहीं दी थी.

अभिषेक सिंह को चार दिनों की रिमांड पर लिया गया, होगी पूछताछ

डीजे संचालक हत्याकांड का मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह को रांची पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर गुरुवार की शाम में चार दिनों की पुलिस रिमांड पर पूछताछ के लिए लिया. घटना के बाद गिरफ्तार कर अभिषेक सिंह को गिरफ्तार कर पुलिस ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेजा था. पुलिस पूछताछ के दौरान हत्या में इस्तेमाल किया गया रायफल के संबंध में उससे पूछताछ करेगी.

एक्सट्रीम बार में हुई घटना के दिन चुटिया थानेदार की जगह बॉडीगार्ड कर रहा था ड्यूटी

रांची. एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल में 27 मई की रात हुई घटना में चुटिया थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह की लापरवाही सामने आयी है. बार में रात करीब 11.30 बजे मारपीट हुई थी. फिर उसी रात 1.19 बजे बार के डीजे संचालक संदीप प्रमाणिक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. दोनों ही घटना के समय चुटिया थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह नदारद थे. उनकी जगह उनका बॉडीगार्ड शशि मौके वारदात पर नजर आया था. बार में हुई मारपीट के बाद शशि ही समीउद्दीन (डीजे संचालक संदीप की गोली मारकर हत्या करने वाला अभिषेक का दोस्त) को पकड़कर कर थाने ले गया था. फिर अभिषेक सिंह ने डीजे संचालक संदीप की रायफल से गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसके बाद भी थाना प्रभारी का बॉडीगार्ड शशि ही मौके वारदात पर गया था. जबकि घटना के दिन चुटिया थाना प्रभारी उमाशंकर सिंह ड्यूटी पर तैनात थे. मामले की प्रारंभिक समीक्षा में चुटिया थाना प्रभारी की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने रांची प्रक्षेत्र आइजी अखिलेश झा को कार्रवाई करने को कहा है.

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