गुरुजी दिशोम गुरु शिबू सोरेन का संघर्ष पीढ़ियों के लिए प्रेरणा: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

Updated:
विज्ञापन

मोरहाबादी स्थित आवास में शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करतीं उनकी पत्नी रूपी सोरेन, साथ में कल्पना सोरेन व अन्य (Photo: X @HemantSorenJMM)

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने शिबू सोरेन के झारखंड और लोगों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को याद किया. इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी गुरुजी को नमन किया.

विज्ञापन

रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को पद्म भूषण से सम्मानित, झारखंड आंदोलन के महानायक और दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर मोरहाबादी स्थित उनके आवास पहुंचकर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. और उनके संघर्षपूर्ण जीवन, योगदान और आदर्शों को स्मरण किया

मौके पर मीडिया से बात करते हुए सीएम हेमंत ने कहा कि दिशोम गुरु ने अपना जीवन झारखंड और यहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया था. आज उन्हें राज्य के हर कोने में श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है, जहां के लोगों ने सदैव अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष किया है. इस संघर्ष में अनेक वीर सपूतों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. हम उन सभी वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं.

सीएम ने कहा कि आज बाबा हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, विचार और योगदान सदैव अमर रहेगा. उनके द्वारा देखे गए सपनों को साकार करना और उनके आदर्शों के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु का संघर्ष, त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा, उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु ने जिस समतामूलक और समृद्ध झारखंड की परिकल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.

राज्य सरकार की मंत्रियों ने भी दिशोम गुरु को किया याद

राधाकृष्णा किशोर ने कहा कि पूरे झारखंड और देश भर में गुरुगी को लोग याद कर रहे हैं. बाबा के वसूल, विचार और सिद्धांत को आज साथ लेकर चलने की जरूरत है. शिबू सोरेन चाहते थे कि समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन को हाशिये से उठाकर समानता की व्यवस्था में बदलाव कर विकास किया जाए. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी उन्ही के पदचिन्हों पर चाल रहे है. हेमंत सोरेन केंद्र सरकार से झारखंड के हिस्से का हक मांग रहे हैं.

मंत्री संजय यादव ने कहा कि राजनीति में शिबू सोरेन ने संघर्ष और त्याग किया था. आज हमलोगों के बीच शिबू सोरेन नहीं है, लेकिन उनके विचारों को मुख्यमंत्री हेमत सोरेन आगे बढ़ा रहे हैं

स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन के संघर्ष, त्याग, विचारों और झारखंड के आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है.

विधायक ममता देवी ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि बाबा दिशोम गुरु ने गोला प्रखंड के नेमरा में जन्म लिया था. यहां के जंगलों में घूम कर आंदोलन की रणनीति बनायी.

स्टील फ्रेम में सिलिका फाइबर से बनी है प्रतिमा
स्टील फ्रेम में सिलिका फाइबर से बनी है प्रतिमा

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा 15 फीट आठ इंच है. प्रतिमा अंदर से स्टील और बाहर से सिलिका फाइबर से बनी है. साहिबगंज के कलाकार ने मूर्ति निर्माण में अहम भूमिका निभाई है. प्रतिमा में कई अभियंताओं की भी सेवा ली गई है. मूर्ति जिस मंडप में स्थापित है, उसकी बांयी ओर से सीढ़ी का प्लेटफार्म भी बनाया गया है. सीढ़ी से प्लेटफार्म पर चढ़ कर प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया गया.

शिबू सोरेन के नाम से जाना जाएगा नेवरी चौक

अब शिबू सोरेन के नाम से जाना जाएगा नेवरी चौक नेवरी के पास जहां रिंग रोड और एनएच मिलता है उस चौक को अब शिबू सोरेन चौक के नाम से जाना जाएगा. मंगलवार को पद्मभूषण से सम्मानित स्व. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के प्रथम पुण्यतिथि पर रांची के नेवरी रिंग रोड चौक पर झामुमो ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन और चौक का नामकरण भी किया गया. पुण्यतिथि के मौके पर झामुमो द्वारा राज्य के सभी 24 जिलों में किसी न किसी चौक का नामकरण शिबू सोरेन चौक के नाम से किया गया.

शिबू सोरेन पर पुस्तक लिखेगा जुटान झारखंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जुटान) के सदस्यों ने मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में जुटान के अध्यक्ष प्रो जगदीश लोहरा, महासचिव डॉ विनय भारत विशेष रूप से उपस्थित थे. इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि गुरुजी के जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शोध किया जाएगा. प्रो लोहरा ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की नजर में गुरुजी नामक पुस्तक लिखी जाएगी.


विज्ञापन
अर्चना कुजूर

लेखक के बारे में

By अर्चना कुजूर

अर्चना कुजूर एक डिजिटल पत्रकार और कंटेंट राइटर हैं, जो वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कार्यरत हैं. वह झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य की प्रमुख राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़ी खबरों को कवर करती हैं. अर्चना ने वर्ष 2016 में क्राफ्ट फिल्म स्कूल, रोहिणी (नई दिल्ली) से टीवी जर्नलिज्म एंड न्यूज रीडिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा किया. इसके बाद उन्होंने नोएडा स्थित नेशनल वॉयस न्यूज और इंडिया वॉयस न्यूज चैनल (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) में इंटर्नशिप करने के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया.

झारखंड लौटने के बाद उन्होंने कशिश न्यूज चैनल में लगभग डेढ़ वर्ष तक आउटपुट विभाग में कॉपी राइटर के रूप में कार्य किया. इसके बाद रांची एक्सप्रेस में एजुकेशन बीट पर रिपोर्टिंग की और प्रिंट पत्रकारिता का अनुभव हासिल किया. वर्ष 2022 से उन्होंने न्यूज11 भारत और नक्षत्र न्यूज चैनल में लगभग दो-दो वर्षों तक डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए राज्य की राजनीति, शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, योजनाओं और समसामयिक विषयों पर हजारों समाचार और विशेष लेख लिखें.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola