एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत झारखंड के कितने पर्यटन स्थल को किया गया है शामिल, यूजीसी ने जारी किया लिस्ट

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के तहत विवि व कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए राज्य की स्वदेशी साहित्य, इतिहास, वैज्ञानिक योगदान, परंपरा को समझने के लिए योजना तैयार की है, जिसमें झारखंड के किसी भी पर्यटन स्थल को शामिल नहीं किया गया है, इस योजना के तहत भारत के 100 पर्यटन स्थल का चयन किया गया है.
Tourist places in jharkhand रांची : नयी शिक्षा नीति के तहत केंद्र व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत विवि व कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए एक-दूसरे राज्य की स्वदेशी साहित्य, इतिहास, वैज्ञानिक योगदान, परंपरा, समृद्ध संस्कृति, विविधता आदि समझने की योजना तैयार की है. इस योजना के तहत केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने देश के विभिन्न राज्यों के 100 पर्यटन स्थल का चयन किया है. हालांकि, इसमें झारखंड के एक भी पर्यटन स्थल को शामिल नहीं किया गया है.
जबकि, इसमें पड़ोसी राज्य बिहार से बोधगया, नालंदा, वैशाली, राजगीर व सासाराम का चयन किया गया है. वहीं, असम से काजीरंगा नेशनल पार्क, मानस वाइल्ड लाइफ, सिलचर, डिब्रूगढ़, छत्तीसगढ़ से रायपुर, पश्चिम बंगाल से विष्णुपुर, कूचबिहार, मुर्शिदाबाद व शांति निकेतन शामिल हैं.
इसके अलावा मध्य प्रदेश व राजस्थान से आठ-आठ, कर्नाटक से सात, तमिलनाडु, गुजरात व उत्तर प्रदेश से छह-छह, महाराष्ट्र से पांच, आंध्रप्रदेश से चार, उत्तराखंड, जम्मू व कश्मीर, केरल व ओड़िशा से तीन-तीन, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, मणिपुर, नागालैंड, सिक्किम व तेलंगाना से दो-दो अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, चंडीगढ़, दमन, मिजोरम व पंजाब से एक-एक पर्यटन स्थलों का चयन किया गया है.
यूजीसी के सचिव प्रो रजनीश जैन के अनुसार, कोरोना के कारण इस योजना पर अभी रोक लगी है. कोरोना से संबंधित प्रतिबंध पूरी तरह से हटने के बाद ही विद्यार्थियों को भ्रमण की अनुमति मिलेगी. सचिव ने कहा है कि फिलहाल चयनित किये गये स्थल के संबंध में विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से गतिविधियों को जानने के लिए प्रोत्साहित करना है. उन्होंनेे सभी विवि के कुलपति को पत्र भेज कर कहा है कि गतिविधियों की रिपोर्ट ई-मेल (ebsbmhrd19@ gmauil.com) पर भेज सकते हैं.
झारखंड प्राकृतिक रूप से समृद्ध राज्य है. यहां की मनोरम छटा देखते ही बनती है. पूरे झारखंड में कई ऐसे स्थल हैं, जो पर्यटन के रूप से विकसित हैं. यहां एेतिहासिक, आध्यात्मिक-धार्मिक व प्राकृतिक रूप से कई ऐसे क्षेत्र हैं. जहां विद्यार्थी मानसिक शांति के साथ-साथ ज्ञान, विज्ञान अर्जित कर सकते हैं.
झारखंड में पलामू का किला, भगवान बिरसा मुंडा का जन्मस्थली उलीहातू, टैगोर हिल, हजारीबाग बड़कागांव की पाषाणकालीन गुफाएं, मैकलुस्कीगंज आदि शामिल हैं.
हुंडरू जलप्रपात, दशमफॉल, जोन्हा फॉल, बेतला टाइगर रिजर्व, दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, नेतरहाट आदि सूची में शामिल हैं.
बाबाधाम और रिखिया (देवघर), मलूटी, पारसनाथ, रजरप्पा, रामरेखाधाम व आंजन धाम (गुमला), पहाड़ी मंदिर रांची, योगदा सत्संग आश्रम, इटखोरी, रामगढ़-रांची मार्ग पर कैथा मंदिर के भग्नावशेष, रंकिनी देवी मंदिर, टांगीनाथ मंदिर, पहाड़ी मंदिर, जगन्नाथपुर मंदिर, मसीही संस्थान संत मारिया रोमन कैथोलिक चर्च आदि हैं.
Posted By : Sameer Oraon
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