6 दिसंबर को रेल-रोड चक्का जाम की पूर्व संध्या पर रांची में सरना समितियों का मशाल जुलूस, कहा- आदिवासी अपनी हक-हकूक की लड़ाई में आगे बढ़ें

Published at :05 Dec 2020 8:10 PM (IST)
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6 दिसंबर को रेल-रोड चक्का जाम की पूर्व संध्या पर रांची में सरना समितियों का मशाल जुलूस, कहा- आदिवासी अपनी हक-हकूक की लड़ाई में आगे बढ़ें

Jharkhand news, Ranchi news : केंद्र सरकार से सरना आदिवासी धर्म कोड को लागू करने की मांग को लेकर पूर्व निर्धारित रेल-रोड चक्का जाम की पूर्व संध्या पर रांची में सरना समितियों ने मशाल जुलूस निकाल कर विरोध जताया. सरना आदिवासी धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर विभिन्न सरना समितियों ने 6 दिसंबर, 2020 को रेल-रोड चक्का जाम करने का निर्णय लिया था. इसी के आलोक में शुक्रवार (5 दिसंबर, 2020) की संध्या रांची की ह्रदयस्थली अलबर्ट एक्का चौक पर मशाल जुलूस निकाला.

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Jharkhand news, Ranchi news : रांची : केंद्र सरकार से सरना आदिवासी धर्म कोड को लागू करने की मांग को लेकर पूर्व निर्धारित रेल-रोड चक्का जाम की पूर्व संध्या पर रांची में सरना समितियों ने मशाल जुलूस निकाल कर विरोध जताया. सरना आदिवासी धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर विभिन्न सरना समितियों ने 6 दिसंबर, 2020 को रेल-रोड चक्का जाम करने का निर्णय लिया था. इसी के आलोक में शुक्रवार (5 दिसंबर, 2020) की संध्या रांची की ह्रदयस्थली अलबर्ट एक्का चौक पर मशाल जुलूस निकाला.

बता दें कि विगत दिनों झारखंड की हेमंत सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुला कर सरना आदिवासी धर्म कोड को पारित कर केंद्र सरकार के पास भेज दिया. अब केंद्र सरकार का निर्णय लेना है. विभिन्न सरना समितियों ने केंद्र सरकार से जल्द सरना आदिवासी धर्म कोड को पारित करने की मांग की थी. इसी के तहत 6 दिसंबर, 2020 को रेल-रोड चक्का जाम आयोजित करने का निर्णय लिया था.

इधर, शुक्रवार की संध्या में केंद्रीय सरना समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद एवं आदिवासी सेंगेल अभियान के संयुक्त तत्वावधान में अल्बर्ट एक्का चौक पर मशाल जुलूस निकाला गया. इस मौके पर केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि आदिवासी लंबे समय से अपने पहचान और हक- अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं. साथ ही वर्ष 2021 की जनगणना में आदिवासी हर हाल में सरना कोड लागू कराना चाह रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि आदिवासियों के संघर्ष को देखते हुए झारखंड विधानसभा से सरना आदिवासी कोड धर्म संकल्प पत्र केंद्र सरकार को भेजने का काम झारखंड सरकार ने किया है. केंद्र सरकार से 30 नवंबर, 2020 तक इसे लागू करने की मांग की गयी थी. साथ ही आदिवासी समाज के साथ वार्ता करने का अल्टीमेटम भी दिया गया था, लेकिन केंद्र सरकार सरना कोड पारित करने के मामले में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है. इसी के विरोध में 6 दिसंबर, 2020 को रेल-रोड चक्का जाम करने का निर्णय लिया है.

अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सनारायण रखड़ा ने कहा कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रेल- रोड चक्का जाम किया जायेगा. इस संबंध में हटिया डिवीजन के डीआरएम को लिखित सूचना दे दी गयी है. उन्होंने कहा गया है कि देशव्यापी रेल- रोड चक्का जाम शांतिपूर्वक ढंग से होगी. मौके पर अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के उपाध्यक्ष बाना मुंडा, केंद्रीय सरना समिति के उपाध्यक्ष प्रशांत टोप्पो, केंद्रीय सरना समिति के महासचिव संजय तिर्की, विनय उरांव, किशन लोहरा, ज्योत्सना भगत, सूरज तिग्गा, सुखवरो उरांव, अमर तिर्की, सीमा बाड़ों एवं अन्य शामिल थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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