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रांची के भगवान बिरसा जैविक उद्यान के बाघ शिवा की मौत, तीन साल की उम्र में बैंगलोर से लाया गया था रांची, अब ओरमांझी जू में हैं नौ बाघ

By Prabhat khabar Digital
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बाघ शिवा की मौत
बाघ शिवा की मौत
फाइल फोटो

Jharkhand News, रांची न्यूज (रोहित लाल महतो) : झारखंड के रांची जिले के ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा जैविक उद्यान (चकला) के शिवा नामक बाघ की मौत हो गई. उद्यान के निदेशक यतींद्र कुमार दास ने बताया कि इसका लीवर व किडनी फेल हो गया था. वह पिछले चार दिनों से बीमार चल रहा था. आज उद्यान स्थित शव दाह गृह में इसका अंतिम संस्कार किया गया. आपको बता दें कि वर्तमान में उद्यान में कुल नौ बाघ बचे हैं. 10 वर्षीय बाघ शिवा को तीन साल की उम्र में बैंगलोर से रांची लाया गया था.

उद्यान निदेशक यतींद्र कुमार दास के नेतृत्व में उद्यान परिसर में ही बाघ शिवा का आज शुक्रवार को अंत्यपरीक्षण किया गया. अंत्यपरीक्षण दल में डॉ0 एम.के.गुप्ता, डॉ0 माणिक पालित, डॉ0 ओम प्रकाश साहु, डॉ0 मनोज कुमार झा, डॉ0 प्रफुल कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी रामचन्द्र पासवान, रामलखन पासवान शामिल थे.

उद्यान के निदेशक यतींद्र कुमार दास ने बाघ शिवा के बारे में बताया कि इसका लीवर व किडनी फेल हो गया था. वह 31 मई से बीमार चल रहा था. तीन दिन इलाज के बाद 03 जून को सवेरे एपेक्स लैब डॉ0 एम के गुप्ता के जांच घर सैंपल भेजा गया था, जहां किडनी व लीवर में इंफेक्शन पाया गया था. जिसके कारण शिवा की मौत गुरुवार की रात 10 बजकर 15 मिनट में हो गई. सैंपल लेकर शुक्रवार को बिसरा जांच के लिए इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली व रांची स्थित वेटनरी कॉलेज कांके भेजा गया. इसके बाद शिवा के शव को उद्यान स्थित शव दाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया.

उद्यान निदेशक यतींद्र कुमार दास ने बताया कि शिवा नामक बाघ का जन्म 11 जून 2011 को हुआ था. 24 नवंबर 2014 को ये ओरमांझी जू में लाया गया था. 3 जून 2021 को इसकी मौत हो गयी. बनरगट्टा जू बैंगलोर से इसे रांची लाया गया था. उस समय शिवा का उम्र तीन वर्ष थी. वर्तमान में शिवा 10 वर्ष का हो गया था. वर्तमान में उद्यान में कुल नौ बाघ बचे हैं. जिसमें बाघिन सरस्वती, अनुष्का, गौरी के अलावा तीन मादा बच्चे भी हैं जबकि नर बाघ मल्लिक व जावा है.

शिवा की मौत के बाद उद्यान के बाघ, शेर, तेंदुआ, हांथी सहित अन्य केजों में एंटी वायरल दवा का छिड़काव किया जा रहा है. इसके अलावा कोरोना किट मंगा कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. पशुपालकों को ग्लब्स, मास्क, पहनकर ही प्रवेश कराया जा रहा है. प्रति दिन दो बार स्वास्थ्य जांच करने की भी व्यवस्था की गई है.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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