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ट्रिपल टेस्ट के लिए आयोग की अनुशंसा विभाग ने लौटायी, निकाय चुनाव में होगा और विलंब

झारखंड में ट्रिपल टेस्ट कराकर निकाय चुनाव कराने का मामला एक बार फिर लटक सकता है. झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा मध्य प्रदेश की तर्ज पर पिछड़े वर्ग के लिए वार्ड आरक्षित करने की अनुशंसा की गयी थी. इसका फॉर्मेट नगर विकास विभाग को नौ मई को ही भेजा गया था.

विशेष संवाददाता (रांची).

झारखंड में ट्रिपल टेस्ट कराकर निकाय चुनाव कराने का मामला एक बार फिर लटक सकता है. झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा मध्य प्रदेश की तर्ज पर पिछड़े वर्ग के लिए वार्ड आरक्षित करने की अनुशंसा की गयी थी. इसका फॉर्मेट नगर विकास विभाग को नौ मई को ही भेजा गया था. वहीं दूसरी ओर विभाग ने अब कहा है कि ट्रिपल टेस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह थ्री लेयर सर्वे कराने की बात कही थी, उसी तर्ज पर किया जाना उचित होगा. ताकि बाद में कोर्ट में कोई इसे चुनौती नहीं दे सके. पिछले दिनों ट्रिपल टेस्ट के अध्ययन के लिए राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की चार सदस्यीय टीम मध्य प्रदेश गयी थी. वहां मतदाता सूची में ओबीसी की संख्या जांची गयी और उसके आधार पर वार्डों को ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिया गया था. इसे नगर विकास विभाग ने नकार दिया है. विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत थ्री लेयर टेस्ट कराने का सुझाव दिया है. इसके तहत पिछड़े वर्ग की संख्या का परीक्षण और उसका सत्यापन किया जाना है. इसमें यह भी ध्यान रखना है कि एसटी, एससी और ओबीसी मिलाकर किसी भी हाल में 50% से अधिक सीट आरक्षित नहीं हो. इसमें पिछड़ेपन की प्रकृति भी तय करते हुए अन्य जातियों के अनुपात में सीटों को आरक्षित किया जाना है. आयोग के सूत्रों ने बताया कि राज्य में पिछड़ों की वास्तविक संख्या जानने के लिए जातीय जनगणना ही सही माध्यम है. इससे स्पष्ट होगा कि किस क्षेत्र में पिछड़े अधिक हैं और अन्य जातियों की संख्या का अनुपात क्या है. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अब चार सदस्यीय टीम को बिहार भेजने का फैसला किया है. वहां निकाय चुनावों में किस तरह ट्रिपल टेस्ट कराकर सीट आरक्षित किये गये थे. इसकी रिपोर्ट तैयार की जायेगी. इसके बाद सरकार को अनुशंसा भेजी जायेगी. बताया गया कि 19 जून को चार सदस्यीय टीम बिहार जायेगी. बिहार से रिपोर्ट आने के बाद ही अब आगे की कार्रवाई हो सकेगी.

जनवरी में हाइकोर्ट ने तीन हफ्ते में चुनाव कराने का दिया था आदेश :

निकाय चुनाव कराने के मामले की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में चल रही है. जनवरी में ही हाइकोर्ट ने तीन हफ्ते में चुनाव कराने का आदेश दिया था. पर सरकार ने हलफनामा दायर कर कहा था कि ट्रिपल टेस्ट के बाद ही यह संभव हो सकेगा. फिलहाल मामला लंबित है.

क्या कहते हैं अध्यक्ष :

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि मध्य प्रदेश की तर्ज पर ट्रिपल टेस्ट कराये जाने की अनुशंसा हमने भेज दी है. अब विभाग को निर्णय लेना है कि कैसे ट्रिपल टेस्ट होगा और निकाय चुनाव कैसे होगा.

नगर विकास विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ट्रिपल टेस्ट कराने का दिया सुझाव

– मध्य प्रदेश की तर्ज पर ट्रिपल टेस्ट कराने की अनुशंसा की गयी थी, जिसे नगर विकास विभाग ने किया खारिज- पिछड़ा वर्ग आयोग का मानना है कि पिछड़ों की वास्तविक संख्या जानने के लिए जातीय जनगणना ही सही माध्यम है- अब बिहार के ट्रिपल टेस्ट व निकाय चुनाव का अध्ययन करेगा पिछड़ा वर्ग आयोग, 19 जून को टीम बिहार जायेगी

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