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Success Story: कभी एक-एक रुपए के लिए थीं मोहताज, मजदूरी से करने लगीं कारोबार, उद्यमी रीना देवी ऐसे बन गयीं लखपति

Updated at : 02 Feb 2025 6:56 AM (IST)
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REENA DEVI PALAMU

जार का पानी बिक्री के लिए भेजतीं रीना देवी

Success Story: कभी परिवार चलाने के लिए मजदूरी करने पर मजबूर पलामू की रीना देवी अब सफल उद्यमी हैं. महिला समूह की ताकत से उन्होंने आइसक्रीम और जार में पानी की बिक्री कर परिवार में खुशहाली लायी. वह सालाना छह लाख से अधिक कमाती हैं.

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Success Story: रांची-रीना देवी झारखंड के पलामू जिले के सतबरवा ब्लॉक की रहनेवाली हैं. पहले वह कमाती नहीं थीं. उनके पास आमदनी का कोई साधन नहीं था, लेकिन वर्ष 2012 में उनकी जिंदगी तब बदली जब किसी ने उनके घर को किराए पर लिया और वहां मलाई बर्फ बनाने की मशीन लगायी. रीना ने उस मशीन पर मजदूरी करनी शुरू की. इस काम से थोड़ा बहुत पैसा आने लगा और घर की मदद होने लगी. इसके बाद उन्होंने महिला समूह से लोन लेकर आइसक्रीम, बर्फ की सिल्ली और जार में पानी बेचना शुरू किया. इसमें पति ने भी साथ दिया. इस तरह वह मजदूर से सफल उद्यमी बन गयीं. वह सालाना करीब छह लाख रुपए कमाती हैं.

मजदूरी के बाद खुद का कारोबार


वर्ष 2017 की बात है. उन्होंने खुद कुछ करने की ठानी. दुर्गा सखी मंडल स्वयं सहायता समूह (SHG) से उन्होंने कर्ज लिया और अपने पति के साथ मिलकर एक छोटा सा कारखाना शुरू किया. यहां वह आइसक्रीम और बर्फ की सिल्ली बनाने लगीं. पति-पत्नी दिन-रात मेहनत करने लगे और अलग-अलग तरह की आइसक्रीम और कुल्फी तैयार करने लगे. इससे उनकी आमदनी बढ़ने लगी.

बेचती हैं आइसक्रीम, बर्फ की सिल्ली और जार में पानी


आज रीना रोजाना करीब 4 हजार से 5 हजार आइसक्रीम बेचती हैं. इससे उन्हें प्रति पीस 1 रुपए का मुनाफा होता है. वह रोजाना 45 से 50 बर्फ की सिल्ली तैयार करती हैं और 50 किलो की सिल्ली 500 रुपए में एवं 30 किलो की सिल्ली 300 रुपये में बेचती हैं. बिजनेस बढ़ने के साथ उन्होंने जार में पानी भी बेचना शुरू किया. गर्मी के दिनों में 200 से ज्यादा जार पानी रोज बेचती थीं. अब भी 50-55 जार पानी रोज बेचती हैं. पानी की कीमत 30 रुपए प्रति जार है.

लखपति उद्यमी हैं रीना देवी

रीना की मेहनत ने उन्हें एक सफल उद्यमी बना दिया है. आज उनकी सालाना कमाई 6 लाख रुपए से ज्यादा है. उनकी यह कहानी बताती है कि अगर मेहनत, हौसला और SHG का साथ हो, तो कोई भी महिला आत्मनिर्भर बन सकती है और अपने परिवार की तकदीर बदल सकती है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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