ePaper

Covid19: झारखंड, बंगाल समेत आठ राज्यों में कोल इंडिया ने 1,509 क्वारेंटाइन बेड बनाये

Updated at : 05 Apr 2020 2:06 PM (IST)
विज्ञापन
Covid19: झारखंड, बंगाल समेत आठ राज्यों में कोल इंडिया ने 1,509 क्वारेंटाइन बेड बनाये

subsidiaries of coal india established 1509 quarantine bed in eight states including jharkhand and west bengal रांची/नयी दिल्ली : झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत देश के आठ राज्यों में कोल इंडिया की विभिन्न इकाइयों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को पराजित करने के लिए 1,509 क्वारेंटाइन बेड (पृथक बिस्तर) स्थापित किये हैं. रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के अस्पतालों को कोविड-19 के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं.

विज्ञापन

रांची/नयी दिल्ली : झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत देश के आठ राज्यों में कोल इंडिया की विभिन्न इकाइयों ने कोरोना वायरस के संक्रमण को पराजित करने के लिए 1,509 क्वारेंटाइन बेड (पृथक बिस्तर) स्थापित किये हैं. रांची स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के अस्पतालों को कोविड-19 के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं.

Also Read: झारखंड में Covid19 का तीसरा केस सामने आया, बांग्लादेश के तबलीगी जमात से लौटी बोकारो की महिला में मिला कोरोना का संक्रमण

अस्पताल प्रबंधन को ओपीडी में विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है. कहा गया है कि सर्दी-खांसी और फ्लू के लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग से कतार लगवाने की व्यवस्था करें. इसका एकमात्र उद्देश्य यह है कि यदि कोई कोरोना वायरस का वाहक मरीज अस्पताल में आ भी जाता है, तो उसका संक्रमण दूसरे मरीजों में न फैले.

ज्ञात हो कि सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी इकाइयों ने कोविड-19 संकट से निबटने के लिए आठ राज्यों में 1,509 पृथक बिस्तर (बेड) स्थापित किये हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. कोयले से संपन्न ये आठ राज्य झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और असम हैं.

Also Read: Coronavirus Lockdown Jharkhand LIVE: लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए यहां महिलाओं ने कमर कसी

इन 1,509 बिस्तरों में से सबसे अधिक 664 महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने ओड़िशा के भुवनेश्वर, अंगुल, झारसुगुड़ा, संबलपुर और सुंदरगढ़ में अपने अस्पतालों में स्थापित किये हैं. इसके अलावा नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में 200 पृथक बिस्तर लगाये हैं.

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने 100, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने 180, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने 144, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने 132, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) ने 75 और नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनईसीएल) ने 14 बिस्तर स्थापित किये हैं.

Also Read: Jharkhand Weather Alert : झारखंड में शुरू होने वाला है बारिश का दौर, आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम

ज्ञात हो कि वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस के संक्रमण की कोई दवा अब तक नहीं बनी है. इस वायरस से संक्रमित लोगों को क्वारेंटाइन करना (अलग रखना) ही अब तक इसका एकमात्र उपाय है. यही वजह है कि पूरे देश में इन दिनों लॉकडाउन घोषित है. लोगों से अपील की जा रही है कि वे घरों से न निकलें, ताकि कोरोना वायरस का चेन टूट जाये.

यदि इस विषाणु का चेन नहीं टूटा, तो फिर यह काफी तेजी से फैलेगा और हजारों लोगों की जान ले लेगा. चीन, इटली, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में यह वायरस तबाही मचा चुका है. अमेरिका तो अब भी इससे निबटने की जद्दोजहद में जुटा हुआ है. दुनिया के वैसे देश और शहर, जो 24 घंटे गुलजार रहते थे, आज वीरान पड़े हुए हैं.

Also Read: Coronavirus Outbreak : हिंदपीढ़ी में विधि-व्यवस्था के लिए मुसलिम पुलिस अफसरों की फौज उतारी

भारत सरकार ने समय रहते देश भर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी. इसलिए इस बीमारी के जीवाणु उस तेजी से यहां नहीं फैल सके, जैसे चीन, अमेरिका और इटली जैसे देशों में फैले. निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात की वजह से हाल के दिनों में काफी संख्या में लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं. कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. हालांकि, झारखंड में अभी तक किसी की मौत नहीं हुई है. यहां सिर्फ तीन लोग संक्रमित पाये गये हैं.

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola