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छठी सिविल सेवा के रिजल्ट पर रोक से इनकार

Updated at : 26 Jun 2020 1:03 AM (IST)
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झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से छठी जेपीएससी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद छठी संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के रिजल्ट पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया

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रांची : झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से छठी जेपीएससी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद छठी संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा के रिजल्ट पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया. साथ ही राज्य सरकार व जेपीएससी को शपथ पत्र के माध्यम से तीन सप्ताह के अंदर जवाब दायर करने का निर्देश दिया. मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 जुलाई की तिथि निर्धारित की.

इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता सुभाशीष रसिक सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि पूर्व में जेपीएससी को जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन जवाब अब तक दायर नहीं किया गया है. वहीं जेपीएससी की अोर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पक्ष रखते हुए प्रार्थी की दलील का विरोध किया.

उन्होंने अदालत को बताया कि 19 फरवरी 2020 को जो आदेश था, उसमें राज्य सरकार को जवाब देने के लिए कहा गया था. जेपीएससी को जवाब नहीं देना था. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी राहुल कुमार ने याचिका दायर की है. उन्होंने 19 अप्रैल 2017 को राज्य सरकार द्वारा संकल्प को चुनाैती दी है. संशोधन व स्थगन याचिका दायर कर प्रार्थी ने छठी जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा व उसके रिजल्ट को भी चुनाैती दी है.

व्याख्याता नियुक्ति घोटाला मामले के आरोपियों की याचिका पर सुनवाई शुरू

रांची. झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में गुरुवार को जेपीएससी व्याख्याता नियुक्ति घोटाले में आरोपियों की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हुई. पहले दिन 10 अग्रिम जमानत याचिकाओं पर प्रार्थियों की ओर से पक्ष रखा गया. मामले की अगली सुनवाई 26 जून को होगी.

इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखते हुए अदालत को बताया गया कि इस गड़बड़ी में उनकी किसी प्रकार की कोई भूमिका नहीं है. उनके खिलाफ सीबीआइ के पास भी कोई सबूत नहीं है. षड्यंत्रकारी का आरोप भी सही नहीं है. श्री सिन्हा ने यह भी बताया कि मामले का अनुसंधान समाप्त हो गया है. इसी मामले में कुछ लोगों को जमानत भी मिल गयी है.

वैसी स्थिति में उन्होंने अग्रिम जमानत देने का आग्रह किया. प्रार्थी गंगा नाथ झा सहित 10 व्याख्याताओं की याचिका पर सुनवाई हुई. प्रार्थियों की अोर से और दो दिन पक्ष रखे जायेंगे. वहीं सीबीआइ की अोर से 30 जून को पक्ष रखा जायेगा. उल्लेखनीय है कि सीबीआइ ने व्याख्याता नियुक्ति घोटाले में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की थी. निचली अदालत में चार्जशीट भी दायर कर दी गयी है. इस मामले में सीबीआइ ने झारखंड लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष, सदस्य, सचिव सहित नियुक्त 65 व्याख्याताओं को भी आरोपी बनाया है.

Post by : Pritish Sahay

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