नोटबंदी के दौरान खाते में डाले लाखों रुपये, नहीं दाखिल किया रिटर्न, अब आयकर विभाग ले रहा है एक्शन
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 Oct 2021 7:34 AM
रद्द घोषित नोटों को जमा करने के बाद रिटर्न दाखिल नहीं करनेवालों के खिलाफ आयकर विभाग ने सक्षम न्यायालय में आयकर अधिनियम की धारा 277 सीसी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है.
शकील अख्तर, रांची: नोटबंदी के दौरान 39 लोगों ने अपने बैंक खातों में 10 लाख से लेकर तीन करोड़ रुपये तक जमा किये. इन लोगों ने अपने-अपने बैंक खातों में रद्द घोषित किये गये 500 और 1000 रुपये के नोट जमा कराये और रिटर्न भी दाखिल नहीं किया. विनय प्रजापति ने तो अपने बैंक खाते में तीन करोड़ रुपये से अधिक रुपये जमा कराये.
रद्द घोषित नोटों को जमा करने के बाद रिटर्न दाखिल नहीं करनेवालों के खिलाफ आयकर विभाग ने सक्षम न्यायालय में आयकर अधिनियम की धारा 277 सीसी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. इस धारा में दोषी को दो साल तक के लिए जेल की सजा देने का प्रावधान है. पहले इस धारा में तीन साल तक की सजा का प्रावधान था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में रात आठ बजे नोटबंदी की घोषणा की थी. इसमें यह कहा गया था कि आधी रात से 500 और 1000 रुपये के नोट चलन से बाहर हो जायेंगे. नोटबंदी की घोषणा के साथ ही सामान्य लोगों और व्यापारियों को अपने पास पड़े 500 और 1000 रुपये के नोटों को अपने बैंक खातों में जमा करने की अनुमति दी गयी थी.
रद्द घोषित नोटों को बैंक खातों में जमा करनेवालों को अपने आयकर रिटर्न में इसका ब्योरा देने और नियमानुसार टैक्स देने का प्रावधान किया गया था. इसके आलोक में रद्द घोषित नोटों को जमा करने की तिथि 30 दिसंबर 2016 निर्धारित की गयी थी.
इस नियम के अालोक में देश के अन्य हिस्सों की तरह झारखंड में भी 2500 से अधिक लोगों ने बैंक खातों में रद्द घोषित नोटों को जमा कराया. इनमें से अधिकतर लोगों ने अपने रिटर्न में रद्द घोषित नोटों से संबंधित ब्योरा दिया. साथ ही अघोषित होने की स्थिति में इस पर टैक्स दिया. लेकिन 39 लोगों ने बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद रिटर्न दाखिल नहीं किया. इसके बाद आयकर विभाग ने इन लोगों के खिलाफ आयकर अधिनियम में निहित प्रावधानों के तहत सक्षम न्यायालय में मुकदमा किया.
आयकर विभाग ने जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, उन लोगों ने अपने खातों में करीब 15 करोड़ रुपये जमा किये हैं. इनमें से तीन लोगों ने अपने खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक जमा किया है. विनय प्रजापति ने 3.17 करोड़ रुपये, शंकर कुमार ने दो करोड़ रुपये और मेसर्स सामंता प्रिसिजन वर्क ने 2.13 करोड़ रुपये जमा कराये हैं.
विनय प्रजापति नामक व्यक्ति ने अपने बैंक खाते में तीन करोड़ रुपये से अधिक जमा कराये
इस धारा में दोषी को दो साल तक के लिए जेल की सजा देने का प्रावधान है
नाम राशि (लाख में)
विनय प्रaजापति 317.34
अर्चना कुमारी 22.15
अभिषेक सिंह 16.89
अब्दुल्लाह 47.44
अनिता गुप्ता 47.44
अब्दुल गनी 12.29
सुशांत कुमार 13.29
राता देवी 12.00
अरुण कुमार सिंह 11.00
अन्नपूर्णा जायसवाल 26.50
बिपिन कुमार मिश्रा 11.12
अनुराग मालवीय 19.05
एनामुल हक 16.80
अशोक प्रसाद 16.32
अजीत सिंह 34.40
जय प्रकाश उरांव 10.76
सुबोध कुमार 12.62
संजीव कु जायसवाल 12.50
कुमार चैतेंद्र नारायण 11.00
मुकेश कु गुप्ता 16.32
भोला प्रसाद अग्रवाल 15.75
मोबिन असगर 10.77
रीमा सिन्हा 16.33
राज कुमार 13.31
रंजीत कु अग्रवाल 24.85
राज कु पंडित 10.28
मनोज कु साहू 12.81
विजय बाबू बेजवाड़ा 10.48
प्रेम लाल रावत 33.17
नजमुज्जना खान 10.20
रवि कु गुप्ता 12.63
मोहम्मद असलम 20.07
सवाली खान 26.50
समर सिंह गुप्ता 20.07
शंकर कुमार 200.03
श्याम बिहारी तिवारी 63.62
सामांता प्रिसिजन वर्क्स 213.00
कुशवाहा इंजीकॉम लि 50.00
ग्यासुद्दीन खान 26.80
Posted by: Pritish Sahay
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