रांची विवि को हाइकोर्ट से नहीं मिली राहत, अपील याचिका खारिज

रांची विश्वविद्यालय को रीडर डॉ कुमारेश प्रसाद सिंह का योगदान स्वीकार करने व वेतन भुगतान के मामले में झारखंड हाइकोर्ट से राहत नहीं मिल पायी. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने अपीलकर्ता रांची विश्वविद्यालय की अपील को खारिज कर दिया.
रांची : रांची विश्वविद्यालय को रीडर डॉ कुमारेश प्रसाद सिंह का योगदान स्वीकार करने व वेतन भुगतान के मामले में झारखंड हाइकोर्ट से राहत नहीं मिल पायी. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने अपीलकर्ता रांची विश्वविद्यालय की अपील को खारिज कर दिया. साथ ही एकल पीठ के आदेश को संशोधित करते हुए डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) को डॉ सिंह का योगदान स्वीकार करने का आदेश दिया. खंडपीठ ने विश्वविद्यालय को दिसंबर 2017 से लेकर अब तक का वेतन भुगतान करने का भी आदेश दिया.
खंडपीठ ने उक्त फैसला मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाया. रांची विश्वविद्यालय की अोर से अधिवक्ता अनूप कुमार मेहता व डीएसपीएमयू की अोर से अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन ने पक्ष रखा था. डॉ सिंह रांची कॉलेज के राजनीति शास्त्र विभाग के रीडर थे. उन्हें वर्ष 2002 में लियेन मिला था, जिसकी अवधि 2007 में समाप्त हो गयी थी. वर्ष 2017 में उन्होंने रांची विश्वविद्यालय में योगदान देने का आवेदन दिया, लेकिन योगदान स्वीकार नहीं करने पर डॉ सिंह ने हाइकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी. जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने रांची विश्वविद्यालय को डॉ सिंह का योगदान स्वीकार करने का आदेश दिया, जिसे विश्वविद्यालय ने अपील याचिका दायर कर चुनाैती दी थी.
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By Prabhat Khabar News Desk
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