रांची में डाक विभाग शर्मसार: डाकिया निकला महा-लापरवाह, घर में छुपा रखे थे कई दस्तावेज
डाकिया विकास कुमार के घर जांच के लिए पहुंची अधिकारियों की टीम
Ranchi Post Office Case: रांची के पिठोरिया डाकघर के डाकिया विकास कुमार के घर से बोरों में बंद सैकड़ों सरकारी दस्तावेज, एटीएम और कोर्ट नोटिस मिलने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया है. दरअसल ग्रामीण लंबे समय से ये शिकायत कर रहे थे कि उनके बेहद जरूरी दस्तावेज उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं.
पिठोरिया से सुजीत कुमार केशरी की रिपोर्ट
Ranchi Post Office Case, रांची: राजधानी रांची के कांके प्रखंड स्थित पिठोरिया डाकघर से डाक विभाग की एक ऐसी गंभीर और चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. पिछले करीब एक साल से पिठोरिया क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों तक उनकी बेहद जरूरी डाक नहीं पहुंच पा रही थी. लगातार मिल रही शिकायतों और ग्रामीणों के बढ़ते विरोध के बाद जब डाक विभाग ने आंतरिक जांच शुरू की, तो जो सच सामने आया उसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए.
डाकिया के घर हुई छापेमारी तो खुला ‘राज’
शिकायतों के आधार पर डाक विभाग के इंस्पेक्टर दीपक कुमार के नेतृत्व में आरोपी डाकिया विकास कुमार के घर पर औचक छापेमारी की गई. तलाशी के दौरान डाकिया के घर से कई बोरों में ठूस-ठूस कर रखी गई भारी मात्रा में लंबित (Pending) डाक बरामद हुई. इन बोरों को खोलते ही अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं. इनमें सैकड़ों आधार कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम (ATM) कार्ड, विभिन्न बैंकों की पासबुक, लोक अदालत और विभिन्न न्यायालयों (कोर्ट) से जारी जरूरी समन व पत्र बरामद हुआ है. इसके अलावा आयकर विभाग (Income Tax) के बहुत जरूरी नोटिस भी मिले. ये सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज महीनों से डाकिया के घर में सड़ रहे थे और संबंधित लोगों तक इन्हें पहुंचाया ही नहीं गया था.
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समय पर नोटिस न मिलने से ग्रामीणों को झेलनी पड़ी प्रताड़ना
इस लापरवाही के कारण पिठोरिया और आसपास के ग्रामीणों को पिछले एक साल में भारी नुकसान उठाना पड़ा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर आधार, पैन और पासबुक जैसे जरूरी दस्तावेज न मिलने से वे न तो सरकारी योजनाओं का लाभ ले पा रहे थे और न ही उनके बैंकिंग कार्य हो पा रहे थे. इससे भी बदतर स्थिति तब हुई जब कई लोगों को कोर्ट के समन और आयकर विभाग के नोटिस समय पर नहीं मिले, जिसके कारण उन्हें अदालती कार्रवाई, जुर्माने और भारी मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा.
डाकिया विकास कुमार तत्काल सस्पेंड
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डाक विभाग ने आरोपी डाकिया विकास कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है. इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विभागीय जांच बहुत गहराई से की जा रही है. यदि इस पूरे खेल में डाकघर के किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. इधर, ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए डाक विभाग ने घर से बरामद की गई सभी लंबित डाक को तुरंत बांटने के लिए एक ‘विशेष वितरण अभियान’ चलाने की घोषणा की है. विभाग के अनुसार, सभी अटके हुए दस्तावेजों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर विशेष दूत भेजकर संबंधित व्यक्तियों के घरों तक जल्द से जल्द पहुंचाया जाएगा. हालांकि, स्थानीय जनता का कहना है कि सिर्फ एक डाकिया को सस्पेंड करने से उनके नुकसान की भरपाई नहीं होगी, विभाग को इसके लिए ठोस व्यवस्था बनानी होगी.
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लेखक के बारे में
By समीर उरांव
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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