रांची DC मंजूनाथ भजंत्री का SIR को लेकर निर्देश: 14 अक्टूबर तक होगी नोटिस पर सुनवाई

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SIR को लेकर बैठक करते रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री

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रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समीक्षा बैठक की. 14 अक्टूबर तक प्राप्त नोटिस पर सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी और मतदाता सूची को पारदर्शी व विश्वसनीय बनाने पर जोर दिया गया.

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रांची : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को पारदर्शी, त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन समेत जिले के विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि विशेष रूप से मौजूद रहे. बैठक के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत जारी नोटिस वितरण और सुनवाई के चरण की प्रगति का बिंदुवार जायजा लिया गया. मौके पर उपायुक्त ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी दलों का परस्पर सहयोग बेहद आवश्यक है.

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14 अक्टूबर तक प्राप्त नोटिस पर होगी सुनवाई

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने स्पष्ट किया कि 14 अक्टूबर 2026 तक नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए सुनवाई की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी. उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे आम नागरिकों तक सुनवाई की तिथि और प्रक्रिया की सही जानकारी समय पर पहुंचाने में सहयोग करें. साथ ही यह निर्देश दिया गया कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, वे निर्धारित तिथि और स्थान पर उपस्थित होकर अपने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें. प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर ही संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी.

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रांची डीसी ने डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया को गति देने का दिया निर्देश

विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बूथ स्तर पर कार्यों को सुचारू बनाने के लिए बीएलओ (BLO) और बीएलए-2 (BLA-2) के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया गया. उपायुक्त ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे फॉर्म-6 (नए नाम जोड़ने) और फॉर्म-8 (संशोधन) से जुड़े मामलों में बीएलओ का सहयोग करें. उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन की प्रगति धीमी है, वहां बीएलए-2 बीएलओ के साथ मिलकर प्रक्रिया को गति दें ताकि किसी भी पात्र नागरिक का आवेदन समय पर पोर्टल पर दर्ज किया जा सके.

1 अक्टूबर को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवाओं के पंजीकरण पर फोकस

निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए बैठक में बताया गया कि 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी भारतीय नागरिक नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं. उपायुक्त ने सभी दलों के प्रतिनिधियों से ऐसे पात्र युवाओं का अधिक से अधिक मोबिलाइजेशन करने और उन्हें मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया. बैठक के अंत में उन्होंने दोहराया कि इस पूरे अभियान का मूल उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो सके.

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