हिंदी भाषा की अस्मिता और विकास पर वक्ताओं ने रखे विचार

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रांची वीमेंस कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी में साहित्यकार प्रमोद झा ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति की वाहिका है और इसमें अपार संभावनाएं छिपी हैं.

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रांची. साहित्यकार प्रमोद झा ने कहा कि हिंदी भाषा में अपार शक्ति है. श्री झा शनिवार को रांची वीमेंस कॉलेज हिंदी विभाग द्वारा बदलते समय में हिंदी की संभावनाएं व चुनौतियां विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे. श्री झा ने कहा कि क्षेत्रीय ज्ञान को भी हिंदी भाषा के माध्यम से सामने लाना जरूरी है.

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हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की वाहिका है. कवयित्री सत्या शर्मा ने कहा कि आज हिंदी भाषा की अस्मिता को ध्यान में रखना जरूरी है. आटर्स ब्लॉक की प्रोफेसर इंचार्ज डॉ किरण कुमारी ने कहा कि बदलते समय में हिंदी की चुनौतियों को समझना आवश्यक है.

विभागाध्यक्ष डॉ प्रज्ञा गुप्ता ने कहा हिंदी भाषा का इतिहास देखें तो यह निरंतर प्रगति व सफलता के पथ पर आगे बढ़ रही है. छात्रा सविता वर्मा ने हिंदी भाषा की तकनीकी व मेडिकल के क्षेत्र पर कैसे विकास हो इस पर चर्चा की.

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