रांची के जिला स्कूल में जर्जर जलमीनार गिरी: मलबे में दबने से 2 मजदूरों की मौत, सुरक्षा मानकों की उड़ीं धज्जियां
सर्किल में रांची के जिला स्कूल में जर्जर जलमीनार गिरने की तस्वीर और फुल फ्रेम में सांकेतिक तस्वीर, Pic Credit- AI
रांची में एक बड़ा हादसा हो गया जहाँ जर्जर जलमीनार गिरने से मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. इस घटना ने निर्माण में सुरक्षा मानकों की घोर लापरवाही को उजागर किया है. प्रशासन ने जांच के लिए विशेष कमेटी बनाई है.
रांची: राजधानी रांची के कोतवाली थाना के ठीक पीछे स्थित जिला स्कूल परिसर में बुधवार की शाम बड़ा हादसा हो गया. शाम लगभग साढ़े पांच बजे एक जर्जर जलमीनार को तोड़े जाने के दौरान उसका मुख्य ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा. इस भीषण हादसे के मलबे में दबने से मौके पर काम कर रहे दो श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों की पहचान पलामू जिले के पड़वा मोड़ निवासी सत्या भुइयां (25 वर्ष) और मैथली शरण महतो (42 वर्ष) के रूप में हुई है. घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची के उपायुक्त (DC) ने जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया है.
सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाईं
हादसे में प्रशासनिक और ठेका एजेंसी की बड़ी घोर लापरवाही उजागर हुई है. पेयजल एवं स्वच्छता स्वर्णरेखा वितरण प्रमंडल बुटी (रांची) की ओर से गत 22 अगस्त को ही संबंधित निर्माण एजेंसी को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का लिखित निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद मौके पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे. वहां काम कर रहे मजदूरों को हेलमेट या अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण तक मुहैया नहीं कराए गए थे. यहां पुरानी जलमीनार को हटाकर नई टंकी का निर्माण कराया जाना था. काम के दौरान चार मजदूर मौजूद थे, तभी अनियंत्रित होकर पूरी संरचना ध्वस्त हो गई.
ये भी पढ़ें: 14 साल बाद पासपोर्ट शुल्क में बड़ा बदलाव, सामान्य पासपोर्ट अब 2,500 रुपये; तत्काल सेवा भी हुई महंगी
NDRF और हैलोजन लाइट की मदद से निकाला गया शव
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), कोतवाली थाना पुलिस और रांची नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची. रात के अंधेरे और तेज बारिश के बीच जेसीबी, हाइड्रा पोकलेन और हैलोजन लाइटों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे से शवों को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेजा गया. गनीमत यह रही कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, उससे महज 20 फीट की दूरी पर जिला स्कूल का छात्रावास स्थित है, जहां 100 छात्र रहते हैं. यदि मलबा हॉस्टल के रास्ते की तरफ गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था.
साइट पर लगा इमरजेंसी बोर्ड निकला शो-पीस
घटनास्थल पर ठेका एजेंसी की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां लगा इमरजेंसी कांटेक्ट बोर्ड पूरी तरह से फर्जी साबित हुआ. बोर्ड पर कार्यपालक अभियंता, साइट इंजीनियर, ठेकेदार के प्रतिनिधि और स्थानीय पुलिस स्टेशन के संपर्क नंबरों की जगह केवल अधूरे अंक लिखकर छोड़ दिए गए थे. केवल एंबुलेंस का '108' नंबर पूरा लिखा हुआ था. कोतवाली थाना पुलिस ने पूरे घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है.
ये भी पढ़ें: Ranchi में अवैध विज्ञापन ढांचों पर सख्ती, आज रात से गैस कटर और क्रेन से हटाए जाएंगे होर्डिंग
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए