झारखंड: राजीव अरुण एक्का को ED का समन, कल पूछताछ के लिए बुलाया

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झारखंड: बीजेपी ने एक वीडियो क्लिप जारी कर राजीव अरुण एक्का पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. अब ईडी ने उन्हें समन भेज कल पूछताछ के लिए बुलाया है.

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झारखंड के आईएएस अधिकारी राजीव अरुण एक्का की मुश्किलें थमने का नाम ही नहीं ले रही. एक तरफ हेमंत सरकार ने कल उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया है, तो दूसरी तरफ अब ईडी ने उन्हें समन भेजा है. जांच ऐजेंसी ने राजीव अरुण एक्का को पूछताछ के लिए कल यानी 15 मार्च को रांची के ईडी कार्यालय में उपस्थित होने को कहा है. गौरतलब है कि बीजेपी ने एक वीडियो क्लिप जारी कर उनपर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.

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ईडी को मिले हैं कई डॉक्यूमेंट

दरअसल विशाल चौधरी के यहां छापे में ईडी को कई डॉक्यूमेंट, डायरी मिली थीं. जिससे कई प्रकार की लेन देन की पुष्टि हुई थी. इसके अलावा विशाल चौधरी के मोबाईल से राजीव अरुण एक्का के संबंध में कुछ साक्ष्य मिले हैं. ईडी उनसे ये जानना चाहेगी- विशाल चौधरी से उनके क्या संबंध हैं. बता दें कि श्री एक्का झारखंड के तीसरे आईएएस अधिकारी हैं जिनसे ईडी पूछताछ करेगी. इससे पहले पूजा सिंघल और साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव से पूछताछ कर चुकी है.

क्या है मामला :

पिछले दिनों भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने एक वीडियो क्लिप जारी कर आरोप लगाया था कि राजीव अरुण एक्का महत्वपूर्ण फाइलों को विशाल चौधरी के अरगोड़ा स्थित कार्यालय में उनकी अनुमति से निबटाते थे. उन्होंने इसमें बड़ा खेल होने का आरोप लगाया था. इस वीडियो क्लिप में श्री एक्का किसी कागज पर दस्तखत करते हुए नजर आ रहे थे. उनके सामने एक महिला खड़ी थी. इस वीडियो में कथित रूप से विशाल चौधरी के साथ होने की बात कही गयी है. साथ ही वीडियो क्लिप में पैसे के लेन-देन का भी आरोप लगाया गया है.

बीजेपी ने ईडी को सौंपा था ज्ञापन

ज्ञात हो कि झारखंड प्रदेश भाजपा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को एक ज्ञापन सौंपा था. इसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री के तत्कालीन प्रधान सचिव के जरिये गोपनीय एवं बेहद संवेदनशील सूचनाएं उग्रवादियों, आतंकवादियों एवं अपराधियों तक पहुंचने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. ईडी को मिले ज्ञापन में इस बात का भी जिक्र है कि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील विभाग के भी प्रभार में थे. इन विभागों की वैसी महत्वपूर्ण, मालदार एवं संवेदनशील फाइलें कथित तौर पर सचिवालय से निकालकर विशाल चौधरी के प्राइवेट कार्यालय में पहुंचा दी जाती थी.

हेमंत सरकार ने भी जांच के लिए न्यायिक आयोग का किया गठन

मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव तथा पूर्व गृह सचिव राजीव अरुण एक्का के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है. झारखंड हाइकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता को जांच की जवाबदेही दी गयी है. इस बाबत कार्मिक विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है.

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