चार लेबर कोड के खिलाफ प्रतिरोध मार्च

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चार लेबर कोड के खिलाफ प्रतिरोध मार्च

झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन व रैयत विस्थापित मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में चार लेबर कोड बिल के खिलाफ शुक्रवार को प्रतिरोध मार्च

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प्रतिनिधि, पिपरवार.

झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन व रैयत विस्थापित मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में चार लेबर कोड बिल के खिलाफ शुक्रवार को प्रतिरोध मार्च निकाला गया. प्रतिरोध मार्च सीएचपी परियोजना से शुरू होकर जुलूस के रूप में पिपरवार जीएम ऑफिस पहुंचा और सभा में तब्दील हो गया. सभा में वक्ताओं ने 12 फरवरी को संयुक्त मोर्चा की प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया. वक्ताओं ने केंद्र सरकार से चार लेबर कोड बिल को निरस्त करने की मांग की. इसके अलावा क्षेत्र में सख्ती से एचपीसी की अनुशंसा का अनुपालन करने, विस्थापितों को निजी कंपनियों में रोजगार देने, 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों की बहाली करने, विस्थापितों को लंबित नौकरी-मुआवजा, पुनर्वास, मकान व भू-खंड देने की भी मांग की. वक्ताओं ने रिजेक्ट कोल डंप के लिए कोयले की आवंटन में बढ़ोतरी करने व राजधर साइडिंग में ग्रामीणों को रोजगार देने की भी मांग की. अंत में प्रबंधन को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया. प्रतिरोध मार्च में परमेश्वर गंझू, इकबाल हुसैन, नागेश्वर गंझू, रामचंद्र उरांव, अर्जुन गंझू, गणेश भुइयां, मथुरा मंडल, रंथू गंझू, अनिल राम, कामेश्वर गंझू, रवि गंझू, इलियास टाना भगत, वीरू मुंडा, प्रदीप महतो, वीरू मुंडा, सैफल्लाह, इम्तियाज झरी राम, विकास खलखो, रघुनाथ प्रजापति, मुकेश साह, सुनील उरांव, सचिन मुंडा सहित काफी संख्या में मजदूर शामिल थे.

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