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आदिवासी समुदाय के विकास में कला, डिजाइन और टेक्नोलॉजी की संभावना तलाश रहे देश भर के प्रोफेशनल्स

Updated at : 21 Oct 2023 10:31 PM (IST)
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आदिवासी समुदाय के विकास में कला, डिजाइन और टेक्नोलॉजी की संभावना तलाश रहे देश भर के प्रोफेशनल्स

बूटकैंप में सैन साल्वाडोर, अमेरिका, नीदरलैंड, नेपाल, ब्रिटेन जैसे देशों के डोमेन एक्सपर्ट्स ऑनलाइन जुड़ेंगे. ये लोग आर्ट, डिजाइन और टेक्नोलॉजी के बेस्ट प्रैक्टिसेज के बारे में भारत के आदिवासी समुदाय के एक्सपर्ट्स और स्टूडेंट्स को जरूरी टिप्स देंगे.

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आदिवासी समुदाय के विकास में डिजाइन के एक्सपर्ट्स, प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स एकत्र हुए हैं. गुजरात के तेजगढ़ स्थित आदिवासी एकेडमी में आयोजित ‘ट्राइब्स इन ट्रांजीशन’ बूटकैंप में आदिवासी हस्तकला, टेक्सटाइल, फैशन, टूरिज्म, प्लेसमेकिंग, इकोलॉजी, फूड, एग्रीकल्चर, शिक्षा, हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों के विकास में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर काम कर रहे हैं. 20 अक्टूबर से शुरू हुआ यह कैंप पांच दिन तक चलेगा. इसमें ये तमाम लोग रचनाधर्मिता और विषय की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए चुनौतियों का समाधान तलाशेंगे. पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला स्थित फोरम के प्रतिनिधि श्याम मुर्मू ने बताया कि इस पांच दिवसीय बूटकैंप में देश के 19 राज्यों से 15 जनजातियों जैसे अंगामी, बंजारा, भील, बॉट, डोंगरिया कोंध, गरासिया, कचारी, खारिया, लेप्चा, मुंडा, उरांव, राठवा, संताल, तांगखुल और येरुकुला जनजातियों के युवा क्रिएटिव स्टूडेंट, प्रोफेशनल्स और विशेषज्ञ पहली बार ट्राइबल डिजाइन फोरम के इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं. इसमें रांची की मुंडा कल्चरल टीम ‘रुम्बुल’ भी हिस्सा ले रही है.

विदेशी एक्सपर्ट देंगे जरूरी टिप्स

बूटकैंप के दौरान प्रतिभागी दैनिक गतिविधि जैसे क्षेत्रीय भ्रमण, आदिवासी फिल्मकरों की फिल्म स्क्रीनिंग, विजुअल एग्जीबिशन, लोक संगीत और विषयगत कार्य योजना के माध्यम से अपनी समझ को विकसित करेंगे. बूटकैंप में सैन साल्वाडोर, अमेरिका, नीदरलैंड, नेपाल, ब्रिटेन जैसे देशों के डोमेन एक्सपर्ट्स ऑनलाइन जुड़ेंगे. ये लोग आर्ट, डिजाइन और टेक्नोलॉजी के बेस्ट प्रैक्टिसेज के बारे में भारत के आदिवासी समुदाय के एक्सपर्ट्स और स्टूडेंट्स को जरूरी टिप्स देंगे.

ट्राइबल डिजाइन फोरम

कार्यशाला के अंत में प्रतिभागी डिजाइन, कला और टेक्नोलॉजी को माध्यम बनाकर आदिवासी समुदायों की वर्तमान चुनौतियों के सतत समाधान की दिशा में अपने-अपने समूह की प्रस्तुति देंगे. इसका इस्तेमाल आदिवासी समुदाय के लिए नीति-निर्धारण में आधारभूत भूमिका निभाए. ट्राइबल डिजाइन फोरम भारत में विभिन्न आदिवासी समुदायों के डिजाइनर्स और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स का एकमात्र समूह है, जो गुजरात तेजगढ़ में आदिवासी एकेडमी और जिला प्रशासन एवं इंडिया टूरिज्म के सहयोग से इस बूटकैंप का आयोजन कर रहा है.

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आदिवासी एकेडमी में नि:शुल्क सेल्फ लर्निंग सेंटर

फोरम के शैक्षणिक सहभागी 1EQ एडुटेक आदिवासी एकेडमी में ही निःशुल्क सेल्फ लर्निंग सेंटर की शुरुआत करने जा रहा है. इस प्रकार एकेडमी अभ्यर्थियों को किताबों और ऑनलाइन पाठ्यसामग्री के जरिए परीक्षा की तैयारी करने के लिए क्षेत्रीय केंद्र के रूप उभरेगा. ‘ट्राइब्स इन ट्रांजीशंस’ इस तरह का पहला आयोजन है, जिसमें पूरे भारत से प्रतिभागी भाषाई-सांस्कृतिक सीमाओं को पार कर सम्मिलित रूप से आदिवासी समुदाय के ज्ञान-कौशल-कला के विकास की दिशा में संयुक्त बौद्धिक प्रयास कर रहे हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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