झारखंड में बिजली संकट जारी, अब भी हो रही 467 मेगावाट की कमी

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Power crisis in Jharkhand: लोडशेडिंग के चलते बिजली कटौती ने लोगों को बेहाल कर दिया है. ग्रिडों को लगातार बिजली की लगभग आधी सप्लाई हो रही है, इसके चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है.
Power Crisis in Jharkhand: राजधानी सहित राज्यभर में बिजली संकट जारी है. लोडशेडिंग के चलते बिजली कटौती ने लोगों को बेहाल कर दिया है. ग्रिडों को लगातार बिजली की लगभग आधी सप्लाई हो रही है, इसके चलते लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. शुक्रवार देर शाम जहां झारखंड विद्युत वितरण निगम वाले जिलों में 467 मेगावाट बिजली की कमी देखी गयी, वहीं राजधानी में भी लोगों को करीब 280 मेगावाट की जगह महज 120 मेगावाट बिजली ही मिल सकी. यह परेशानी सभी जगहों पर कुछ घंटो तक बनी रही.
ग्रिडों में कम बिजली उपलब्ध रहने के चलते लोगों को राशनिंग कर बारी-बारी से इसे एक घंटे के अंतराल पर दी गयी. सुबह और शाम बारंबार बिजली कटौती से जहां आमलोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. वहीं, घरों में अभिवावकों को छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में रोजाना दिक्कत बनी हुई है. बिजली कटौती के चलते बड़े हाउसिंग सोसाइटी के डीजल मद में भी काफी इजाफा देखने को मिल रहा है. इसके चलते कई एपार्टमेंट ने 24 घंटे जेनरेटर चलाने के घंटों में कटौती कर दिया है. ग्रिड से कम आपूर्ति होने से बारी-बारी से इसे उपभोक्ताओं को दिया गया. असमय होनेवाले कटौती से उपभोक्ता सामेवार रात से ही परेशान रहे. यह परेशानी सभी डिवीजन में बनी रही. डिमांड बढ़ने से हटिया 220/132 केवी ग्रिड पर भी काफी दबाव देखा गया. बिजली की कम उपलब्धता के चलते अन्य सभी ग्रिडों को भी जरूरत से कम बिजली उपलब्ध मिली.
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झारखंड के वितरण निगम के इलाकों में रोजाना करीब 1200 से 1300 मेगावाट की डिमांड दर्ज हो रही है, जबकि इसमें इंडियन एनर्जी एक्सजेंच जरूरत के समय करीब 500 मेगावाट की खरीद नहीं हो पा रही है.
तेनुघाट-टीटीपीएस : यूनिट वन से 168 मेगावाट और यूनिट टू से 151 मेगावाट (कुल 319 मेगावाट) मिल रही थी. वहीं सिकिदरी हाइडल प्रोजेक्ट (एसएचपीएस) की यूनिट वन व यूनिट टू से शून्य मेगावाट मिली.
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छोटे उद्योगों से : 05 मेगावाट
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इनलैंड पावर : 50 मेगावाट
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जेबीवीएनएल : 374 मेगावाट
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सेंट्रल एलोकेशन : 580 मेगावाट
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जेबीवीएनएल इलाकों में शहर से गांव तक हो रही अघोषित कटौती
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एक-एक घंटे के अंतराल पर हो रही है लोडशेडिंग, पीक आवर में राशनिंग कर आपूर्ति की जारही है.
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राजधानी के कुछ सबस्टेशनों को छोड़ अधिकतर इलाकों में संकट
ग्रिड : हटिया वन
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समय : 4:40 पीएम
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आपूर्ति : 50 मेगावाट (एसएलडीसी से अगला आदेश आने तक परिवर्तन नहीं)
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फुल लोड बिजली मिलने के बाद रात आठ बजे दर्ज कुल डिमांड : 103 मेगावाट
ग्रिड : नामकुम
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समय : 4:40 पीएम
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आपूर्ति : 40 मेगावाट (एसएलडीसी से अगला आदेश आने तक परिवर्तन नहीं)
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फुल लोड बिजली मिलने के बाद रात आठ बजे दर्ज कुल डिमांड : 97.5 मेगावाट
ग्रिड : कांके
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समय : 4:44 पीएम
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आपूर्ति : 30 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गयी (एसएलडीसी से अगला आदेश आने तक परिवर्तन नहीं)
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फुल लोड बिजली मिलने के बाद रात के आठ बजे दर्ज कुल डिमांड : लगभग 65 मेगावाट
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By Prabhat Khabar News Desk
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