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पीएलएफआइ सुप्रीमो का बिजनेस पार्टनर फुलेश्वर गोप गिरफ्तार, लेवी के काले पैसे को करता था सफेद

Updated at : 15 Jul 2020 1:12 AM (IST)
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पीएलएफआइ सुप्रीमो का बिजनेस पार्टनर फुलेश्वर गोप गिरफ्तार, लेवी के काले पैसे को करता था सफेद

एनआइए ने पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के बिजने पार्टनर फुलेश्वर गोप (44 वर्ष) को मंगलवार को गिरफ्तार किया है. एनआइए ने यह कार्रवाई पीएलएफआइ टेरर फंडिंग केस (आरसी 02/2018/ एनआइए/ डीएलआइ) में कार्रवाई की है.

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रांची : एनआइए ने पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के बिजने पार्टनर फुलेश्वर गोप (44 वर्ष) को मंगलवार को गिरफ्तार किया है. एनआइए ने यह कार्रवाई पीएलएफआइ टेरर फंडिंग केस (आरसी 02/2018/ एनआइए/ डीएलआइ) में कार्रवाई की है. एनआइए की टीम सोमवार को पूछताछ के लिए फुलेश्वर को गुमला से रांची बुलायी थी. इसी दौरान उसे गिरफ्तार कर एनआइए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश से उसे चार दिनों की रिमांड पर लिया गया है. मूल रूप से खूंटी के छोटे रेगरी गांव का रहनेवाला फुलेश्वर वर्तमान में गुमला के पालकोट रोड स्थित शांतिनगर मुहल्ला में परिवार के साथ रहता है.

एजेंसी के मुताबिक, जांच में पता चला है कि फुलेश्वर ने दिनेश गोप के साथ मिलकर ‘मेसर्स शिव शक्ति सिद्धि इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी बनायी थी. वहीं, दिनेश गोप की पहली पत्नी हीरा देवी के साथ साझेदारी में जमा की गयी लेवी की राशि को वैध तरीके से कंपनी के खातों में जमा करवाया था. दिनेश गोप ने लेवी के पैसे को वैध बनाने के लिए कंपनी में निवेश किया था. उसकी मंशा कंपनी द्वारा अर्जित लाभ का उपयोग संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ने के लिए भी किया जाना था. सूत्रों के मुताबिक, गुमला में फुलेश्वर गोप ठेकेदारी भी करता था.

मेरे पति के पीछे पड़ी हुई थी एनआइए की टीम : सुनीता देवी

फुलेश्वर गोप की पत्नी सुनीता देवी ने बताया : मेरे पति ने कुछ साल पहले कंपनी खोली थी. उसके बाद से ही एनआइए पीछे पड़ी हुई थी. चार माह पहले भी फुलेश्वर को पकड़ कर जेल भेजा गया था. इसके बाद वे जमानत पर बाहर थे. सोमवार को एनआइए के पदाधिकारियों ने मेरे पति को फोन कर रांची बुलाया था. उसी दिन वह रांची चले गये. इसके बाद से उनका फोन स्विच ऑफ है. पत्नी ने बताया कि एनआइए ने सरेंडर करने के लिए नोटिस भी भेजा था. सोमवार को जब दोबारा फोन आया, तो पासबुक व अन्य कागजात लेकर वे रांची गये थे.

कब क्या हुआ

पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप ने 10 नवंबर 2016 को सहयोगियों की मदद से एसबीआइ के बेड़ो शाखा में रुपये जमा कराने भेजा था. इस दौरान रांची पुलिस ने पैसे के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया था. वहीं, नौ जनवरी 2017 को चार्जशीट दाखिल किया था. इस मामले को एनआइए ने 19 जनवरी 2018 को टेकओवर कर आगे की जांच में छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही 90 लाख रुपये की संपत्ति और कई दस्तावेज जब्त किये थे. दिनेश गोप की दोनों पत्नी हीरा देवी और शकुंतला के अलावा दो सहयोगियों जयप्रकाश सिंह भुइयां और अमित देशवाल को गिरफ्तार किया था.

Post by : Pritish Sahay

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